करीब 10 दिनों बाद बुधवार को सुबह हुई तेज बारिश के चलते जहां लोगों को उमस से रात मिली वहीं जनजीवन भी प्रभावित हुआ। शहर में कई जगह सड़को पर देर तक पानी भरा रहा। पहले से जाम नालियों के चलते हालात और भी बदतर हो गए। सुबह छह बजे से बारिश शुरू हुई तो करीब 11 बजे बंद हुई। बादल पूरे दिन आसमान में छाए रहे।
बारिश के चलते सुबह बच्चों को स्कूल जाने और लोगो को काम पर निकलने में परेशानी हुई। मछलीशहर तहसील के अलग अलग गांव में कच्चा मकान ढहने से किशोरी की मौत हो गई जबकि मां बेटी घायल हो गई। घायलों को अस्पताल में भर्ती कराया गया है। बुधवार को करीब 10 दिन के अंतराल के बाद तेज बारिश हुई।
पिछले तीन दिनों से दिन में तेज धूप और उमस से लोग परेशान थे। मंगलवार की अधी रात के बाद से ही आसमान में घने बादल छाने लगे थे। सुबह करीब छह बजे से ही झमाझम बारिश शुरू हो गई। करीब आधे घंटे तक तेज बारिश हुई और बूंदाबादी का सिलसिला 11 बजे तक चलता रहा।
बारिश के चलते मौसम सुहाना हो गया। शहर में तोड़फोड़ के चलते कई स्थानों पर नालियां पहले से जाम हैं। जिससे बारिश का पानी देर तक सड़कों पर लगा रहा। पुरानी बाजार, मोहल्ला मीरमस्त, मल्हनी पड़ाव, लालदरवाजा, अबीरगढ़ चोला, मुफ्तीमोहल्ला, मुन्नाटोला, रुहट्टा, जोगियापुर आदि मोहल्लों में पानी भर गया।
नालियों का गंदा पानी सड़कों पर फैल गया। जिससे आवागमन में लोगों को परेशानी हुई।मछलीशहर प्रतिनिधि के अनुसार कोतवाली क्षेत्र के जमुहर गांव में बारिश के दौरान कच्चे मकान की दीवार ढहने से मलबे में दबकर किशोरी की मौत हो गई। गांव निवासी महेश्वरी प्रसाद यादव की बेटी अलका (14) बारिश बंद होने के बाद पशुशाला में बंधी भैंस को बाहर
निकालने गई थी। उसी दौरान कच्चे मकान की दीवार ढह गई। अलका मलबे में दबगई। मौके पर पहुंचे परिजनों ने मलबे को हटाकर किशोरी को बाहर निकाला तो उसकी मौत हो गई थी। मीरगंज प्रतिनिधि के अनुसार मीरपुर गांव में कच्चा मकान ढहने से मां बेटी मलबे में दबकर घायल हो गई। घायल शांति देवी (45) और उनकी पुत्री सपना (18) को जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है।