प्रदेश में समान शिक्षा व्यवस्था लागू करने की मांग को लेकर रविवार को विभिन्न सामाजिक संगठनों ने कलेक्ट्रेट परिसर में मानव शृंखला बनाकर प्रदेश सरकार को संदेश देन की कोशिश की। इस मानव श्रृंखला में सामाजिक कार्यकर्ताओं के अलावा विभिन्न कोचिंग संस्थानों के छात्र और छात्राएं भी शामिल थीं। सभी ने एक स्वर से कहा कि अमीर और गरीब के बीच की खाईं को पाटना है तो पहले समान शिक्षा व्यवस्था को लागू किया जाना चाहिए।
कलेक्ट्रेट के मुख्य द्वार से बनाई गई यह मानव श्रृंखला पूरे परिसर से होकर दूसरे छोर की सड़क तक लोग एक दूसरे का हाथ पकड़कर अपनी आवाज बुलंद किए। एक दूसरे का हाथ थामे लोग ने चाहे अमीर हो या गरीब की संतान सबकी शिक्षा हो एक समान, दोहरी शिक्षा नीति बंद करो बंद करो का नारा लगाया।
कलेक्ट्रेट में हुई सभा में वक्ताओं ने कहा कि खाकी ड्रेस में कंधे पर झोला और उसमें कटोरी और फटी पुरानी किताबों को रख कर गांव के गरीब परिवार का बच्चा जब स्कूल के लिए निकलता है तो सड़क पर चमचमाती बसों में सवार टाई लगाए कान्वेंट स्कूल के बच्चों को देखता है तो उस बच्चे का मन मचल उठता है।
ऐसे बच्चे मन ही मन सोचते हैें कि यह व्यवस्था हम गरीबों के लिए क्यों नहीं है। गरीब और अमीरों के लिए दोहरी शिक्षा नीति को बंद किया जाना बहुत जरूरी है।
मानव श्रृंखला का नेतृत्व कर रहे सामाजिक कार्यकर्ता रमेश यादव, गुरुपाल सिंह ने कहा कि सरकार को समान शिक्षा व्यवस्था लागू कर अमीर और गरीब के बीच की खाई को खत्म कर सकती है। तमाम निजी विद्यालय उच्च न्यायालय के आदेशों की अवमानना कर रहे हैं।
सामाजिक कार्यकर्ता आरती सिंह ने कहा कि उच्च न्यायालय के आदेश का पालन अगर सरकार नहीं करवा पा रही है तो वह सरकार के खिलाफ कोर्ट जाएंगी।
इस मौके पर गरिमा, पूनम, शालिनी, शीतम, अब्दुल, किसन, अखिलेश, सत्यम, आदि थे।