स्वास्थ्य विभाग की सभी योजनाओं को जन जन तक पहुंचाने और ग्रामीण महिलाओं व बच्चों को उसका लाभ दिलाने के लिए जिले भर में तैनात 4118 आशा कार्यकर्ताओं में से 214 की सेवा समाप्त कर दी गई। स्वास्थ्य सेवाओं के लिए दी गई जिम्मेदारी के प्रति निष्क्रिय रहने के आरोप में उनके खिलाफ कार्रवाई की गई है। संबंधित के स्थान पर अब फिर से आशा कार्यकर्ता का चयन किया जाएगा।
शासन के निर्देश पर पिछले वित्तीय वर्ष में आशा कार्यकर्ताओं द्वारा जिम्मेदारियों के निर्वहन की समीक्षा की गई। सीएमओ डा. रवींद्र कुमार ने बताया कि ब्लाकवार आशा कार्यकर्ताओं की समीक्षा की तो पता चला 214 आशा कार्यकर्ताओं की गतिविधियां शून्य पाई गई।
उनके द्वारा कोई भी काम नहीं किया गया। इसमें सबसे अधिक सुजानगंज ब्लाक में 36 आशा कार्यकर्ता निष्क्रिय पाई गईं। मछलीशहर अकेला विकास खंड है जहां से एक भी आशा निष्क्रिय नहीं पाई गई।
एक हजार से 1500 की आबादी पर तैनात की गई आशा कार्यकर्ताओं को जिम्मेदारी दी गई है कि वे स्वास्थ्य विभाग की सारी योजनाओं को जन जन तक पहुंचाएंगी।