गर्मी, धूप के चलते सद्भावना पुल पर कम रही आवाजाही।
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जिले में मौसम पर असर साफ दिखाई देने लगा है, यही कारण है, कि अप्रैल माह के पहले ही दिन लोगों को मई की गर्मी का एहसास हुआ। आलम यह रहा कि गर्मी को देखते हुए लोग घरों के बाहर नहीं निकल सके। तपिश और चल रही तेज गर्म हवाओं ने उन्हें बेहाल कर रखा। अमूमन मार्च के माह में सुबह व शाम को हल्की ठंड रहती है, लेकिन इस बार बदलते मौसम के चलते हल्की सर्दी तो दूर लोगों ने पंखा के साथ-साथ कूलर तक चालू कर लिए हैं।
अप्रैल के पहले दिन ही जिले का पारा 42 पार पहुंच गया। पिछले तीन दिनों से लगातार पारा चढ़ता जा रहा है। 29 मार्च को जिले का तापमान 40 तो 30 और 31 मार्च को 37 डिग्री रहा। एक अप्रैल को अचानक बढकर 42 डिग्री तापमान हो गया। अचानक बढ़ी गई से लोग ब्याकुल हो रहे हैं। तेज धूप की वजह लोग बहुत जरूरी होने पर ही छाता, रूमाल, गमछा लेकर बाहर निकले, नही तो घर में ही कैद रहें। जब अभी से तापमान का यह हाल है, तो आगे आने वाले गरमी के दो महीनों में क्या होगा।
सुबह दस बजते ही लोग घरों से बाहर नही निकल रहे हैं। चार बजे के बाद सूरज की तपन कम होने पर ही लोग घरो से निकलते हैं। यही कारण है, कि शनिवावर की दोपहर में शहर की सड़कों पर सन्नाटा पसरा रहा आैर लोग तपशि से बचने के लिए घरों से नहीं निकले। जो निकले भी तो अपने को धूप से बचाने के इंतजाम के साथ।