समाधान दिवस में जनता की समस्याएं सुनते एसपी अतुल सक्सेना।
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सरकार बदली तो थाना दिवस का नजारा भी बदला-बदला सा नजर आया। समाधान दिवस पर फरियादियों की संख्या तो कम रही लेकिन फरियादियों के बैठने के लिए जहां कुर्सी की व्यवस्था की गई थी तो गर्मी में उनके लिए पानी का इंतजाम भी था। एसपी ने खुद पवारा और मुंगराबादशाहपुर थाने पर पहुंचकर लोगों की फरियाद सुनी।
शनिवार को प्रदेश की नई सरकार के कार्यकाल का पहला समाधान दिवस था। चुनाव के समय में आदर्श आचार संहिता के चलते समाधान दिवस बंद कर दिया गया था। सरकार गठन के बाद शनिवार को पहले थाना दिवस पर फरियादियों के बैठने के इंतजाम किए गए थे। हालांकि थानों में फरियादियों की भीड़ नहीं दिखी। सरायख्वाजा थाने में सिर्फ नौ लोग फरियाद लेकर पहुंचे। जिसमें से तीन मामलों का मौके पर ही निस्तारण कर दिया गया। बाकी मामलों को शीघ्र निस्तारित करने के लिए राजस्व विभाग के अधिकारियों और पुलिस की संयुक्त टीम बना दी गई है। एसपी अतुल सक्सेना ने पवारा और मुंगराबादशाहपुर में पहुंच कर खुद लोगों की फरियाद सुनी।
दोनों थानों में फरियादियों को बैठने के लिए टेंट हाऊस से कुर्सियां मंगाई गई थी। गर्मी के चलेत लोगों लोगों को पानी पिलाने के लिए चौकीदारों को लगाया गया था। एसपी ने थानाध्यक्षों को निर्देश दिया कि जमीन संबंधित विवादों के निस्तारण के लिए राजस्व अधिकारियों के साथ मौके पर पुलिस टीम को भेज कर मामलों का त्वरित गति से निस्तारण कराएं।
केराकत में कुल 14 लोगों ने प्रार्थना पत्र दिए जिसमें से चार मामलों का मौके पर निस्तारण कर दिया गया। शाहगंज में एसपी सिटी कमलेश दीक्षिकत की मौजूदगी में समाधान दिवस का आयोजन किया गया। बक्शा, बदलापुर, खुटहन, महराजगंज थानों में भी फरियादियों को बैठने और उन्हें पाना पीने के इंतेजाम किए गए थे।