हजरत मोहम्मद साहब के दामाद हजरत अली (अ.स.) का जन्मदिवस गुरुवार को धूमधाम से मनाया गया। जगह-जगह केक काटे गाए और महिफलों का आयोजन हुआ। महफिल में शायरों ने हजरत अली की शान में रचनाएं पढ़ी। शाही किला गेट के सामने मौलाना सैयद मुबस्सिर ने हजरत अली की नज्र की।
यहां बच्चों में कापी किताब बांटा गया और आसमान में गुब्बारे छोड़कर विश्व शांति के लिए दुआ की गई। शाम साढ़े छह बजे केक काटा गया। यहां आयोजित महफिल में मास्टर मोहम्मद हसन साहब ने हजरत अली की शख्सियत पर रोशनी डाली। महफिल में जैद सईद, एहसास, अफरोज, वसीम जैदी, अमन, सलमान बिजनौरी, साबिर आजमी, एहतेशाम, वैहदत ने नजराने अकीदत पेश किया।
इस मौक्े पर माजिद हसन, अनवर हसन खा, शहवेज, मीजम, हसनैन कमर दीपू, अरशद तकी हैदर आदि थे। संचालन साबिर रजा ने किया। उधर, अजादारी काउंसिल द्वारा नकी फाटक इमामबाड़े में नज्र व गोष्ठी हुई । इसमें हजरत अली के कृतित्व व व्यक्तित्व पर प्रकाश डाला गया।
इस मौके पर अध्यक्ष सैयद मोहम्मद हसन, शिया जामा मस्जिद के मुतवल्ली अली मंजर डेजी, सादिक मेंहदी, मौलाना मेंहदी मिर्जापुरी, असलम नकवी आदि थे। हसीन अहमद के नेतृत्व में कार्यक्रम हुआ। वास्ती हाउस मुफ्जी मोहल्ला में नज्र का आयोजन किया गया।
कटघरा में अजादारी काउंसिल के महासचिव मिर्जा जावेद सुल्तान के आवास पर जन्मदिन मनाया गया। जफराबाद में मगरीब की नमाज के बाद हजरत अली के बेलादत े पर मोहम्मद उमर कादरी के नेतृत्व में मिलाद हुआ। इसके अलावा बारादुअरिया, बलुआ घाट, राजा बाजार, पान दरीबा, हमाम दरवाजा, बेगमगंज, सिपाह, भण्डारी स्टेशन, फूलपुर, सैदनपुर आदि जगहों पर भी आयोजन हुए।