पहले वर्ष 2019 में जहां पौने तीन लाख रुपये तो पिछले साल वर्ष 2022 में 3.15 लाख रुपये यात्रा का खर्च था, अब बढ़कर तीन लाख 77 हजार 847 रुपये हो गया है। इसमें प्रथम किश्त 81 हजार 800 रुपये, द्वितीय किश्त 70 हजार रुपये व तृतीय किश्त एक लाख 26 हजार 847 रुपये रखी गई है। इसके अलावा कुर्बानी खर्च 16 हजार 344 है। हर बार यात्रियों को यात्रा के दौरान एयरपोर्ट पर 2100 रियाल भी दिए जाते थे जो भारतीय मुद्रा के हिसाब से करीब 48 हजार 300 रुपये होते हैं, जो इसबार नहीं दिया जाएगा। यह हाल तब है जब इस बार 70 वर्ष से अधिक के उम्र वालों को भी यात्रा की अनुमति दी गई है। पिछले साल कोरोना के बाद हज यात्रा शुरू होने पर केवल 26 यात्रियों के हज यात्रा का लक्ष्य रखा गया था,जो पूरा हो गया था।
बता दें की हज कमेटी ऑफ इंडिया के जिला हज ट्रेनर, अयाज अहमद खान ने कहा है कि इस बार वर्ष 2023 में जिले में हज यात्रा के लिए 410 का कोटा था । जिसमें 168 ने आवेदन किया था और उनमें से 163 ने ही प्रथम किश्त जमा किया, जिसपर उन सभी का चयन किया गया है। यात्रियों की कमी के कारण हज यात्रा महंगी भी हो सकती है।