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काली पड़ गई गोमती नदी, हाथ धोने लायक भी नहीं रहा जल

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जौनपुर। शहर के मध्य से गुजरी गोमती नदी का पानी इन दिनों काला पड़ गया है। ऑक्सीजन की कमी के कारण मछलियां मरने लगी हैं। बताते हैं कि नदी में केमिकलयुक्त पानी आ रहा है। इससे इस समय हालत यह है कि नदी का पानी हाथ धोने लायक नहीं बचा है। गोमत ताल से निकली गोमती नदी 900 किमी का सफर तय करते हुए शहर के मध्य से गुजरती है। नदी में लोग स्नान करते थे। कपड़े धोते थे लेकिन इस समय नदी के पानी का रंग पूरी तरह से बदल चुका है। नदी का पानी दूर से ही देखने में काला दिखाई पड़ रहा है। नजदीक आने पर दुर्गंध आ रही है। माना जा रहा है कि नदी के पानी में कहीं न कहीं से केमिकल युक्त पानी आ रहा है। इतना ही नहीं, नदी में प्रदूषण का एक बड़ा कारण नालों का गंदा पानी में भी गिरना है। इसके तरफ प्रशासन कोई ध्यान नहीं दे रहा है। इसका कारण नदी के पानी में ऑक्सीजन की मात्रा करीब-करीब समाप्त होती जा रही है, जिसकी वजह से मछलियां मरने लगी हैं।
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नदी के तट पर फैल रही गंदगी
जौनपुर। गोमती अपना अस्तित्व बचाने के लिए लड़ाई लड़ रही है। गर्मी में नदी सूख कर दुबली हो गई है। लोग इस पर अतिक्रमण करने लगे हैं। पर्यावरण विषय के मुताबिक, पहले गोमती नदी अपने साथ बालू, मृदा लेकर आती थी। मगर नाले के कद से नदी पट सी गई है। नदी के किनारे लोग गंदगी कर रहे हैं।
नदी के पानी का काले होने के कारण गर्मी भी है। हालांकि नाले बंद करवाने का काम चल रहा है। इसी हफ्ते एसटीपी चालू होने के उम्मीद है। - मनीष कुमार वर्मा, जिलाधिकारी
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