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सोलर लाइट लगाने में खेल, सारे मानक फेल

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रामनगर बाजार में खराब पड़ी सोलर लाईट। - फोटो : JAUNPUR
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जौनपुर। गांवों में सोलर लाइट लगाने के नाम पर बड़े पैमाने पर फर्जीवाड़ा चल रहा है। तय मानकों और प्रक्रिया को धताबताकर पंचायतें मनमाने ढंग से लाइटें लगवा रही हैं। नतीजा यह हो रहा है कि कुछ माह बाद ही ये खराब हो जा रहा है। कई गांवों में सोलर लाइटें लगीं और कुछ ही समय बाद बंद हो गईं। कुछ की बैटरी तक लोग निकाल ले गए।
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शाम होते ही अंधेरे में डूब जाने वाली गांव की गलियों को भी शहरों की तरह ही दूधिया रोशनी से जगमग बनाने के लिए सोलर लाइट लगाने का निर्देश दिया गया था। यह लाइट राज्य वित्त व 14वें वित्त के मद से लगाई जानी है। लाइटें लगवाने के लिए नेडा से गुणवत्ता और मानक की जांच कराना अनिवार्य है। नेडा को ही कंपनी के प्रस्ताव की जांच करके संतुष्टि पत्र देना है कि लाइट की गुणवत्ता और रेट सही हैं। इसमें लाइटें लगवाने के बाद उनकी गारंटी की भी व्यवस्था की जानी है। इन निर्देशों को दरकिनार कर तमाम पंचायतों में मनमाने ढंग से सोलर लाइटें लगवाई गई हैं। एक-एक लाइट के लिए 25-30 हजार से भी अधिक का भुगतान किया गया है। यह नेडा के तय रेट से काफी अधिक है। साथ ही बिक्री के बाद सर्विस की व्यवस्था नहीं है। नतीजतन ज्यादातर लाइटें समय से पहले ही खराब गईं और लगाने वाली कंपनी उनकी मरम्मत करने नहीं आई।। कुछ की बैटरी और पैनल तक गायब हो गए हैं।
करंजाकला ब्लाक के सिद्दीकपुर गांव में लगी सोलर लाइट लंबे समय से बंद पड़ी है। गांव के राजबहादुर यादव, अनुज सोनकर, प्यारेलाल गौतम, मेही यादव आदि बताते हैं कि पिछले वर्ष ही लाइट लगाई गई थी। कुछ महीनों तक तो यह सुचारु रूप से चलता रहा मगर इसके बाद खराबी आ गई। काफी दिनों तक मरम्मत नहीं हुई तो कोई बैट्री चुरा ले गया। करंजाकला ब्लाक परिसर में भी लगी लाइटें भी बंद हैं।
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बंद हुई तो फिर दोबारा नहीं जली लाइट
बदलापुर क्षेत्र में विधायक निधि से सार्वजनिक स्थलों पर 200 छोटी सोलर लाइट लाइट लगाया गया है। त्रिभुवन बाबा धाम भूला, रामनगर बाजार, कुशहा बाजार में लगे सोलर लाइट पिछले दिनों आई आंधी तूफान में क्षतिग्रस्त हो चुकी है। तब से लोग अंधियारे में रहने को मजबूर हैं। क्षतिग्रस्त सोलर लाइटों की मरम्मत ग्राम पंचायत निधि से होनी है, मगर महीनों बाद भी आज तक लाइट की मरम्मत नहीं कराई जा सकी।
ग्राम पंचायतों या अन्य स्थानों पर सोलर लाइट लगाने से पहले नेडा से गुणवत्ता व मानक की जांच कराने का निर्देश है, लेकिन किसी भी पंचायत की ओर से अब तक संपर्क नहीं किया गया है। अपने स्तर से ही वह लाइट लगवा ले रहे हैं। इस बारे में संबंधित अधिकारियों से पत्राचार भी किया गया है। -अजय कुुमार, परियोजना अधिकारी, नेडा।
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