गलन भरी ठंड में अलाव का सहारा लेकर बैठे लोग।
जिले में बर्फीली हवाओं का कहर रविवार को भी जारी रहा। ठंड के चलते सुबह देर तक लोग बिस्तर में ही दुबके रहे। दोपहर में धूप के चलते ठिठुरन में कमी जरूर आई पर शाम ढलते ही फिर गलन बढ़ गई। लोग जल्दी से घर पहुंच गए। बर्फीली हवाओं के चलते खेतीबारी का काम भी प्रभावित हो रहा है।
अलाव के सहारे लोग ठंड से बचाव कर रहे हैं। शनिवार के मुकाबले रविवार को न्यूनतम तापमान दो डिग्री सेल्सियस अधिक रहा। लेकिन 5 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चली हवाओं के चलते लोग ठिठुरते रहे। दोपहर में धूप के तेज के चलते गलन में कमी महसूस की गई लेकिन शाम ढलते ही फिर से ठिठुरन बढ़ गई।
देर रात तक गुल्जार रहने वाली बाजारों में भी शाम को जल्दी सन्नाटा पसर गया। रविवार का दिन होने के चलते स्कूल, कालेज, सरकारी और गैर सरकारी संस्थान बंद रहे जिससे लोग सुबह काफी देर से बिस्तर छोड़े। गलन बढ़ने के चलते खेती का काम भी ठप हो गया है।
बक्शा के गढ़ा सेनी गांव के किसान रामराज विश्वकर्मा कहते हैं ठंड के चलते सुबह खेत में पहुंचने से पहले ही हाथ पैर सुन्न हो जाते हैं। गन्ना की पेराई का काम बंद करना पड़ा है। सुबह आठ बजे तक लोग अलाव से चिपके रहे। ठंड से बचाव के लिए नगरपालिका प्रशासन की ओर से शहर में 42 स्थानों पर अलावा की व्यवस्था कराई गई है।