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Jaunpur News: ओएलएक्स पर फर्जी आईडी से फ्लैट और कमराें की बुकिंग करने के आरोप में चार गिरफ्तार

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जौनपुर। साइबर थाना क्रॉइम पुलिस ने बुधवार की शाम लाइन बाजार थाना क्षेत्र के चांदपुर के पास से चार लोगों को गिरफ्तार कर साइबर फ्राॅड गिरोह का भंडाफोड़ करने का दावा किया है। इन पर ओएलएक्स पर फर्जी आईडी बनाकर फ्लैट, कमरों की बुकिंग व सामान खरीदने-बेचने के नाम पर हजारों लोगों के साथ साइबर फ्राॅड करने का आरोप है।
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साइबर सेल प्रभारी सीओ शुभम वर्मा ने बताया कि धर्मेंद्र प्रजापति निवासी ढोरा, बरही नेवादा थाना फूलपुर वाराणसी, मनोज सरोज निवासी तरती लक्षनपुर बनेवरा थाना नेवढ़िया, रामदास प्रजापति निवासी भुवाजाग डोमनपुर चिवथिया थाना चौरी भदोही और अंकित कुमार यादव निवासी नवापुर थाना नेवढ़िया जौनपुर को गिरफ्तार किया गया है। पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि चारो लोग मिलकर फोटोशाप के माध्यम से कूटरचित आधार कार्ड तैयार कर रामदास से प्राप्त फर्जी सिम के माध्यम से ओएलएक्स एप पर फ्लैट, कमराें की बुकिंग व सामान खरीदने-बेचने के नाम पर साइबर फ्राॅड का काम करते हैं। उन्होंने बताया कि ओएलएक्स पर फर्जी सिम के माध्यम से आईडी बनाकर फ्लैट, कमरा व सामान दिखाने के नाम पर रजिस्ट्रेशन फीस एक हजार रुपये जमा करने के लिए बोलते थे। जब कस्टमर पैसे देने के लिए तैयार होता था तो आरोपी जनसेवा केंद्र व आस-पास के दुकानदार व परिचित लोगों के बैंक यूपीआई नंबर व क्यूआर कोड भेजकर पैसे मंगा लेते थे और फिर कस्टमर को ब्लाॅक कर देते थे। इसी तरह से आरोपी अब तक हजारों लोगों के साथ करीब 10 लाख रुपये तक की साइबर ठगी कर चुके हैं। साइबर सेल प्रभारी के मुताबिक पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि वे कस्टमर से कम रुपये की ठगी इसलिए करते थे कि कम पैसे फ्राॅड होने की वजह से ज्यादातर लोग शिकायत नहीं करते हैं। सीओ ने बताया कि आरोपियों के पास से साइबर ठगी में प्रयुक्त होने वाले 4 मोबाइल फोन, 6 सिम कार्ड, 6 एक्टिवेटेड सिम कार्ड, एक एचपी लैपटाॅप व चार्जर, एक कलर प्रिंटर, एक बायोमैट्रिक, 6 कूटरचित आधार कार्ड, 3 एटीएम कार्ड व 4070 रुपये नकद बरामद किए गए हैं। इनके खिलाफ विभिन्न राज्यों में 15 मुकदमे दर्ज हैं। उन्होंने बताया कि साइबर फ्राॅड व आईटी एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज कर आरोपियों का चालान कर दिया गया। सीओ के मुताबिक जो पीओएस एजेंट ग्राहक बीमा कंपनी के एजेंट होते है, रामदास प्रजापति भोले भाले लोग जो उसके पीओएस पर सिम लेने आते थे, उनका दो बार अंगूठा लगवाकर दो सिम जारी कर एक सिम कस्टमर को देता था और दूसरा सिम आरोपी साइबर फ्राॅड में इस्तेमाल करते थे।
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