मड़ियाहूं। कोतवाली क्षेत्र सीर गांव के तिराहे पर बुधवार की सुबह दो महीने से टूटे तार में हाईटेंशन करंट उतर आया, जिससे चिपककर एक किशोर की मौत हो गई। करीब 20 मिनट तक किशोर तार से ही चिपका रहा। ग्रामीणों ने उपकेंद्र पर सूचना देकर आपूर्ति बंद कराई तब उसे अलग किया जा सका। बिजली का तार दो माह से टूटा हुआ था। उसे जोड़े बिना विद्युत आपूर्ति चालू कर दी गई थी। घटना से गुस्साए ग्रामीणों ने जौनपुर-मिर्जापुर मार्ग जाम कर दिया। करीब दो घंटे बाद एसडीएम ने कार्रवाई का आश्वासन देकर जाम समाप्त कराया।
मड़ियाहूं विद्युत उपकेंद्र से सरौना तक जाने वाले 11 हजार वोल्ट की लाइन का तार करीब दो माह पूर्व आई आंधी में टूट गया था। बिजली विभाग ने तार को पोल के नीचे से काटकर अलग कर दिया था। शेष हिस्सा जमीन पर ही छोड़ दिया। मंगलवार की रात बिना उसे हटाए आपूर्ति चालू कर दी गई और तार में करंट प्रवाहित होने लगा। सुबह गांव के साहब लाल सोनकर का पुत्र अमन बहादुर (14) शौच के लिए बसुही नदी के किनारे जा रहा था। रास्ते में पोल से लटकते तार से स्पर्श हो गया और चिपक गया। मौके पर मौजूद ग्रामीण रवींद्र तिवारी ने तत्काल फोन कर विद्युत आपूर्ति बंद कराई। किशोर को तार से छुड़ाकर मड़ियाहूं सीएचसी ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। घटना की जानकारी होते ही ग्रामीण उग्र हो गए। बिजली निगम के खिलाफ आक्रोश जताते हुए जौनपुर-मिर्जापुर (लुंबिनी-दुद्धी राष्ट्रीय राजमार्ग) जाम कर दिया। इससे दोनों तरफ वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। बारिश के बावजूद भी सड़क पर ग्रामीण डटे रहे। सूचना पाते ही सर्किल के थानों की पुलिस, सीओ, कोतवाल मौके पर पहुंचे और ग्रामीणों को समझा-बुझाकर रास्ता खाली कराने की कोशिश की। करीब साढ़े 11 बजे मौके पर पहुंचे एसडीएम कौशलेश मिश्र ने मुख्यमंत्री राहत कोष से सहायता राशि व जमीन पट्टा करने का आश्वासन दिया। मामले की जांच कर दोषियों पर कार्रवाई के लिए भी आश्वस्त किया। इसके बाद जाम समाप्त हुआ।