खाद्य एवं औषधि प्रशासन विभाग की टीम ने गुरुवार को शहर की विभिन्न दूकानों पर छापेमारी की। छापेमारी से बाजार में हड़कंप मच गया।
इस दौरान अलग अलग दूकानों से खोवा, पनीर और गुड़ के कुल छह नमूने लिए गए। मिलावट की आशंका होने पर 90 कुंतल गुड़ और तीन कुंतल खोवा सीज कर दिया गया।
मुख्य खाद्य सुरक्षा अधिकारी वीपी सिंह को सूचना मिली थी कि शादी विवाह के मौके पर खोवा और पनीर की अधिक मांग को देखते हुए कुछ कारोबारियों ने उसे बड़े पैमाने पर फ्रीजर में डंप कर रखा है।
खोवा और पनीर में मिलावट का भी धंधा हो रहा है। इस सूचना पर उन्होंने अपनी टीम के साथ गुरुवार को दोपहर काली कुत्ती निवासी बजरंगी गुप्ता के आवास पर छापा मारा।
इनके मकान की पहली मंजिल पर पनीर और खोवा बनाने का काम होता है। टीम पहुंची तो बाहर सन्नाटा था। दरवाजा अंदर से बंद था। दरवाजा खोलवा कर अधिकारी अंदर घुसे तो वहां फ्रीजर में खोवा रखा था।
यहां से खोवा का नमूना लिया गया। जहांगीराबाद में अन्नपूर्णा दुग्ध डेयरी पर छापा मारा। यहां फ्रीजर में पांच कुंतल खोवा रखा गया था यहां से खोवा, दूध और क्रीम के तीन नमूने लिए गए और खोवा सीज कर दिया गया।
अल्फस्टीनगंज स्थित दरोगा जायसवाल के गुड़ बनाने के कारखाने पर टीम ने छापा मारा। यहां बाहर से गुड़ लाकर उसे गलाकर फिर से बनाने का काम होता है। कारखाने में गंदगी का अंबार लगा था।
टीम को आशंका हुई कि बाहर से गुड़ लाकर यहां मिलावट कर उसे फिर से गुड़ बनाने का काम किया जाता है। बाहर से लाए गए और कारखाने में तैयार गुड़ के दो अलग अलग नमूने लिए गए।
इस दौरान 90 कुं तल गुड़ सीज कर दिया गया। सीज गुड़ की कीमत बाजार में 3.60 लाख बताई गई है। खाद्य विभाग की टीम ने कारखाने के संचालक से लाइसेंस मांगा तो वह लाइसेंस भी मौके पर नहीं दिखा सके। टीम में एसपी यादव, आईबी यादव, मिश्री लाल आदि मौजूद थे।