जौनपुर। पूर्वांचल विवि के अंतर्गत आने वाले चार जिलों में निर्माणाधीन पांच राजकीय कॉलेजों पर विवि का सीधा नियंत्रण होगा। यह कॉलेज सरकार नहीं, विवि की कार्य परिषद के निर्देशों के अनुरुप संचालित होंगे। कार्य परिषद ही यहां संकाय और लिपिक वर्गीय कर्मचारियों के पद सृजित करेंगे। इन पर नियुक्ति भी उन्हीं के निर्देशन में होगी। सरकार ने इन कॉलेजों को विवि का संघटक (कांस्टीट्यूंट) कॉलेज का दर्जा देते हुए इन्हें चलाने की रणनीति मांगी है।
जौनपुर, गाजीपुर, आजमगढ़ और मऊ जिले के 936 कॉलेज पूर्वांचल विवि से संबद्ध हैं। इसमें नौ राजकीय व 36 वित्तपोषित कॉलेज हैं। पांच नए राजकीय कॉलेजों का निर्माण हो रहा है। इनके कॉलेजों के मूर्त रुप लेने से पहले ही शासन ने इनके संचालन की पूरी जिम्मेदारी विवि को दे दी है। अपर मुख्य सचिव मोनिका एस. गर्ग की ओर से जारी निर्देशों में कहा गया है कि विवि अपने स्रोतों से इन राजकीय कॉलेजों का संचालन करेंगे। विवि की कार्यपरिषद ही इनकी सर्वोच्च संस्था होगी। कॉलेजों में सिर्फ प्राचार्य का एक पद होगा। शिक्षक-कर्मचारी संविदा पर रखे जाएंगे। सरकार इन्हें एकमुश्त सहायता राशि प्रदान करेगी। अपर मुख्य सचिव ने इनके संचालन की रुपरेखा तैयार कर शीघ्र उपलब्ध कराने का निर्देश दिया है।
यह होंगे पूविवि के संघटक कॉलेज::
* राजकीय महाविद्यालय हृदयपट्टी, मधुबन मऊ।
* राजकीय महाविद्यालय गहमर, गाजीपुर।
* राजकीय महिला महाविद्यालय, समदी अहरौला, आजमगढ़।
* राजकीय महाविद्यालय मुफ्तीगंज जौनपुर।
* पं. दीनदयाल उपाध्याय राजकीय महिला महाविद्यालय, बलुही, केराकत, जौनपुर।
यह होगा इन कॉलेजों में::
* इन कॉलेजों पर विवि का पूर्ण प्रशासकीय, वित्तीय एवं शैक्षणिक नियंत्रण होगा।
* कॉलेज का भवन एवं साज-सज्जा, भूमि, भंडार विवि का होगा।
* विवि के शिक्षक-कर्मचारी राज्य सरकार के नहीं माने जाएंगे।
* परीक्षा कराना और परिणाम घोषित करने की जिम्मेदारी विवि की होगी।
* राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के तहत विवि इन कॉलेजों में नए संकाय खोलने और शुरू करने के लिए अधिकृत होगा।
* प्रयोगशाला, फर्नीचर आदि के लिए सरकार एकमुश्त सहयोग राशि प्रदान करेगी।
---
शासन का नया पत्र प्राप्त हो गया है। इसके अनुसार निर्माणाधीन राजकीय कॉलेजों को संघटक कॉलेज के रुप में संचालन की ुपरेखा तैयार कराई जा रही है। शीघ्र ही कार्ययोजना प्रेषित कर दिया जाएगा। -बीएन सिंह, प्रभारी कुलसचिव, पूविवि।