जौनपुर। दस माह के लंबे इंतजार के बाद आए कोरोना के टीके का उल्लास शनिवार को सभी केंद्रों पर नजर आया। वैश्विक महामारी को मात देने की खुशी थी तो अब जिंदगी सुरक्षित होने की उम्मीद भी। पूरे कोरोना काल में फ्रंट लाइन पर खड़े स्वास्थ्य कर्मचारियों ने टीकाकरण में भी आगे आकर उत्साह से हिस्सा लिया। आलम यह था कि कई केंद्रों पर टीकाकरण के लिए तय समय से पहले ही कर्मचारी पहुंच गए थे। कड़ी सुरक्षा और सतर्कता के बीच पूरी हुई प्रक्रिया में टीकाकरण कराने वालों के चेहरे पर संतोष उनके मन के भाव को बयां करता रहा। कुल 400 के सापेक्ष 309 लोगों ने टीका लगवाया।
जिला अस्पताल, जिला महिला अस्पताल, केराकत और रामनगर सीएचसी पर होने वाले उद्घाटन कार्यक्रम के लिए सुबह नौ बजे की कर्मचारियों को बुलाया गया था। लेकिन साढ़े आठ बजे ही कर्मचारी पहुंचकर ड्यूटी पर मुस्तैद हो गए थे। केंद्र पर चस्पा सूची में टीकाकरण कराने वालों ने अपना नाम देखा और फिर तय प्रक्रिया को पूरी करते हुए वैक्सीनेशन कक्ष में पहुंचे। प्रधानमंत्री के संबोधन के बाद 11 बजे से टीकाकरण की शुरुआत हुई। टीका लगने से पहले तक कुछ चेहरों पर घबराहट दिखी, लेकिन इसके बाद सुकून का भाव भी नजर आया। वैक्सीनेशन के बाद सभी को आधे घंटे तक निगरानी में रखा गया। किसी को कोई खास दिक्कत न होने पर छुट्टी दे दी गई। डीएम दिनेश कुमार सिंह, एएसपी सिटी डॉ. संजय कुमार, सीएमओ डॉ. राकेश कुमार ने अस्पताल पहुंचकर व्यवस्थाओं का जायजा लिया। टीका लगाने और लगवाने वालों की हौसलाफजाई।
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शकील, आलोक और अभिलाषा को पहली डोज
जौनपुर। टीके की पहली डोज लेने के लिए कर्मचारी उत्साहित रहे। इसके लिए कई सुबह ही पहुंच गए थे, मगर केंद्र पर पहुंचने के बाद जब पता चला कि नाम के पहले अक्षर के आधार पर टीकाकरण किया जाएगा तो उनमें थोड़ी मायूसी छा गई। जिला अस्पताल में पहली डोज डॉ. अभिमन्यू को लगनी थी, लेकिन शुगर लेबल अधिक होने के कारण उनके बाद स्वीपर पद पर तैनात शकील अहमद को कोविड का पहला टीका लगाया गया। इसके तुरंत बाद अधीक्षक डॉ. एके शर्मा ने भी टीका लगवाया। महिला अस्पताल में फार्मासिस्ट बीके द्विवेदी, रामनगर सीएचसी पर अधीक्षक डॉ. आलोक कुमार ने सबसे पहली डोज ली तो केराकत में ग्रामीण हेल्थ वर्कर अभिलाषा को टीका लगा।
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भूले सोशल डिस्टेसिंग, लगी रही भीड़
जौनपुर। टीकाकरण से पहले हुए पूर्वाभ्यास में पूरी सावधानी बरती गई थी। मास्क, हैंड सैनिटाइजर, सोशल डिस्टेंसिंग का पूरा पालन हुआ, लेकिन जब मुख्य टीकाकरण की बारी आई तो जिम्मेदार सब भूल गए। जिला अस्पताल में टीकाकरण के दौरान सोशल डिस्टेंसिंग को दरकिनार कर लोग भीड़ लगाकर खड़े रहे। आर्ब्जवेशन कक्ष के पास में ही खड़े होकर चाय की चुस्कियां ले रहा था तो कोई बिना मास्क के ही एक-दूसरे का हाल साझा कर रहा था। यह भी निर्देश था कि नंबर से ही सबको प्रवेश मिलेगा, बावजूद वैक्सीनेशन कक्ष में कई लोग एक साथ टीका लगवाने पहुंच गए थे तो कुछ गेट पर खड़े होकर टीके की प्रक्रिया देख रहे थे। किसी के चेहरे पर कोरोना का कोई खौफ नहीं था और न ही बचाव के लिए जरुरी मानकों के पालन में कोई दिलचस्पी।
जिला अस्पताल में वैक्सीन लगवाने के बाद स्वास्थ्यकर्मीयों के साथ सेल्फी लेते सीएमएस डा अनिल कुमा- फोटो : JAUNPUR
जिला अस्पताल में कोरोना वैक्सीनेशन की जांच करने पंहुचे डीएम दिनेश कुमार सिंह।- फोटो : JAUNPUR