जफराबाद। ताड़तला मोहल्ले के नैपुरा में रविवार को अपने दो मासूम बच्चों को कुएं में फेंककर मौत के घाट उतार देने वाले पिता का पुलिस ने सोमवार को चालान कर दिया। जहां से उसे जेल भेज दिया गया। वहीं, आरोपी की पत्नी ने अपने पति के खिलाफ तहरीर देने के बाद मायके वालों के साथ चली गई। दूसरे दिन उसके घर पर ताला लटका रहा। लोग घटना को लेकर तरह-तरह का कयास लगा रहे है। दूसरी ओर पुलिस की पूछताछ में आरोपी ने कहा कि बच्चों को खिला रहा था। इसी दौरान वे खाने के लिए बाजार का और सामान मांगने लगे। जिसे लेकर उसे गुस्सा आ गया था और दोनों कुएं में फेंक दिया था। जहां उनकी मौत हो गई थी।
आरोपी इरफान रविवार की दोपहर में अपनी बेटी सायमा (7) और बेटे अरमान (5) को खिला रहा था। घर से 50 मीटर दूरी पर ले जाने के बाद उसने दोनों बच्चों को कुएं में फेंक दिया था। इसके बाद जफराबाद में चलनी की दुकान पर चला गया था। जहां से काम करके शाम करीब चार बजे अकेला लौटा तो पत्नी शाहीन बानो ने बच्चों के बारे में पूछा। जिसपर उसने बताया कि उसने बच्चों को कुएं में फेंक दिया। पहले मजाक समझ रही पत्नी ने कारण पूछा तो बोला कहां से खिलाता उन्हें, जिसपर पत्नी चीख-चिल्लाने लगी तो लोग जुट गए। सूचना पर पहुंची पुलिस ने देर शाम कुएं से दोनों बच्चों के शव को निकाला, जिनका पोस्टमार्टम के बाद अंतिम संस्कार कर दिया गया। वहीं, थानाध्यक्ष राजाराम द्विवेदी ने बताया की आरोपी की पत्नी शाहीन बानो ने तहरीर दी की मेरे पति ने दो बच्चों को कुएं में फेंक कर हत्या कर दी। तहरीर के आधार पर हिरासत में लिए गए आरोपी पति के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज किया गया। साथ ही उसका चालान न्यायालय भेज दिया गया। जहां से कोर्ट ने उसे जेल भेजा दिया। थानाध्यक्ष ने बताया कि बच्चों का हत्यारा पिता बातचीत से मानसिक रूप से स्वस्थ प्रतीत हो रहा है। जो भी आ रहा है उससे अच्छे तरीके से बातचीत कर रहा है। उसका बातचीत करने का तरीका स्वस्थ मानसिक स्थिति में होना प्रतीत हो रहा है। वहीं, घटना की सूचना पर आए शाहिना बानो के मायके पक्ष के लोग आए और उसे अपने साथ लिवाकर चले गए। गांव वालों ने बताया कि शाहीन बानो बच्चों की देखभाल तथा परिवार चलाने के लिए स्वयं घर पर बीड़ी बनाकर मेहनत करती थी। उससे इकट्ठा हुए पैसे से घर का खर्च चलाती थी।
दोनों बच्चे पढ़ने में थे होनहार
जफराबाद। सात वर्षीय पुत्री सायमा कक्षा दो में तथा पांच वर्षीय पुत्र अरमान कक्षा एक में गांव के ही प्राथमिक विद्यालय में पढ़ते थे। गांव वालों ने बताया कि दोनों बच्चे पढ़ने में बहुत रुचि रखते थे। काफी होनहार तथा पढ़ाई के प्रति उनका रुझान ज्यादा रहता था। उक्त दोनों बच्चे जिस कुएं में उनको फेंक कर हत्या की गई उसी कुएं पर बैठकर पढ़ते दिखाई देते थे।