वाराणसी-नेपाल नेशनल हाइवे पर फोर लेन बनाने के लिए अधिग्रहित किए गए भूमि का मुआवजा न्यूनतम दर से निर्धारित करने से नाराज डोभी ब्लाक के किसानों ने गुरुवार को सीआरओ कार्यालय पर प्रदर्शन किया।
प्रदर्शन के दस सूत्री मांग पत्र सिटी मजिस्ट्रेट एवं सीआरओ को सौंपा। किसानों के आंदोलन को देखते हुए कुछ अफसर खिसक लिए। कलेक्ट्रेट में किसानों की सभा को संबोधित करते हुए वक्ताओं ने कहा कि वाराणसी - नेपाल नेशनल हाइवे 233 पर फोर लेन बनाने के लिए डोभी ब्लाक के कनौरा, मुर्खा, अइलिया,
विशुनपुर, लेवरुआं, बिहरदर, सिधौनी, खुज्झी, रामदेवपुर, हरदासीपुर, चंदवक, परसुपूर, फरीदपुर, रामगढ़, बलुआ, बीरभानपुर, बरईछा व परसौडी सहित 30 गांवों के किसानों की भूमि अधिग्रहित की गई है। इसके लिए न तो किसानों से परामर्श लिया गया और न तो लोक सुनवाई की गई। मनमाने ढंग से भूमि का
मुआवजा निर्धारित कर दिया गया। जिसको लेकर किसानों द्वारा कई बार ब्लाक मुख्यालय पर प्रदर्शन भी किया जा चुका है, लेकिन कोई कार्यवाही नहीं की गई। किसानों को पुराने अधिनियम के तहत भुगतान की नोटिस जारी की गई है। जिससे भुगतान का प्रतिकर अति न्यूनतम दर पर जारी किया गया है, जो
आजमगढ़ के मुआवजा की दर से काफी कम है। जबकि केराकत तहसील का सर्किल दर आजमगढ़ जनपद के सर्किल दर से काफी अधिक है। बावजूद इसके हम लोगों के भूमि का मुआवजा आजमगढ़ जिले से काफी कम लगाया है। वक्ताओं ने अधिग्रहित भूमि का दर मानक के अनुसार देने मांग की।
प्रदर्शन करने वालों में भाजपा नेता संकठा प्रसाद सिंह, पूर्व चेयरमैन कमला सिंह, पूर्व विधायक अशोक सोनकर, राजेंद्र प्रसाद सिंह, प्रधान सुनील सिंह,अरविंद पांडेय, रामेश्वर सिंह, राजू सिंह, अमरजीत यादव,चंद्रबली यादव, मनोज पांडेय, पंकज सिंह व शिवशंकर सिंह आदि रहे।