जौनपुर। पत्नी को जिला पंचायत अध्यक्ष पद का चुनाव लड़ाने की तैयारी शुरू करते ही बाहुबली पूर्व सांसद धनंजय सिंह पर पुलिस की निगाहें टेढ़ी हो गई हैं। मंगलवार को उनके पैतृक गांव बनसफा में आवास पर दबिश देने के बाद खाली हाथ लौटी पुलिस ने वहां पीएसी का पहरा लगा दिया है। घर से सौ मीटर की दूरी पर डेढ़ सेक्शन पीएसी के जवान निगरानी कर रहे हैं। पूर्व सांसद के घर की ओर जाने वाले सभी मार्गों पर पीएसी के जवान पैनी निगाह बनाए हुए हैं। उधर, खुटहन थाने की पुलिस ने धनंजय सिंह, एमएलसी बृजेश सिंह प्रिंसू और उनके समर्थकों के खिलाफ कोविड महामारी अधिनियम के तहत केस दर्ज किया है। आरोप है कि वह सामाजिक दूरी के नियमों की अनदेखी करते हुए अपने समर्थकों के साथ जिला पंचायत सदस्यों से संपर्क करने निकले थे।
लखनऊ में हुए अजीत सिंह हत्याकांड में पूर्व सांसद धनंजय सिंह का नाम साजिशकर्ता के रूप में सामने आया था। विभूति खंड थाने में उनके खिलाफ संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर पुलिस उनकी तलाश कर रही है। इस मामले में कोर्ट की ओर से गैर जमानती वारंट भी जारी हुआ था। इसके बाद पुलिस ने पूर्व सांसद पर इनाम भी घोषित किया था। हालांकि इनाम घोषित होते ही धनंजय सिंह ने एक पुराने मामले में जमानत तोड़वाकर कोर्ट में सरेंडर कर दिया था। कोर्ट से दोबारा जमानत पर रिहा होने के बाद धनंजय ने जौनपुर आकर पत्नी श्रीकला सिंह के समर्थन में जिला पंचायत सदस्य पद के लिए चुनाव प्रचार भी किया था। चुनाव बीतते ही पुलिस फिर से उनकी तलाश में जुट गई है। मंगलवार को लखनऊ मुख्यालय से मिले निर्देश पर एएसपी ग्रामीण त्रिभुवन सिंह, सीओ सदर रणविजय सिंह के नेतृत्व में पुलिस ने सिकरारा के बनसफा गांव स्थित पूर्व सांसद के पैतृक आवास पर दबिश दी थी, लेकिन यहां पूर्व सांसद नहीं मिले। यह जरूर पता चला कि वह यहां आए थे और कुछ घंटे पहले ही कहीं चले गए। वह कहां गए और कब लौटेंगे, इस बारे में कोई जानकारी नहीं मिल पाई थी। इसके बाद देर रात ही पुलिस के आला अधिकारियों के निर्देश पर पूर्व सांसद के आवास के बाहर 39वीं वाहिनी पीएसी की डेढ़ सेक्शन टुकड़ी को तैनात कर दिया गया। पीएसी के जवान घर से सौ मीटर दूर से निगरानी कर रहे हैं। उन्हें यह निर्देश दिया गया है कि जैसे ही पूर्व सांसद धनंजय सिंह की भनक लगे, तत्काल सूचना दें।