मामला जौनपुर जिले के जलालपुर थाना क्षेत्र के एक गांव का है। गांव निवासी एक युवती की शादी कल्याणपुर मिर्जापुर निवासी युवक के साथ तय थी। शनिवार को बरात आनी थी। शादी की तैयारियां चल रही थीं। दोपहर 12 बजे रस्मों के दौरान युवती बिना किसी को बताए घर से निकल गई। परिजनों को पता चला तो उनके पैरों तले जमीन खिसक गई। उसकी तलाश में लोग जुट गए।
देर शाम तक लड़की नहीं मिली तो पिता ने पुत्री के गायब होने की सूचना पुलिस को दी। इधर, निर्धारित समय बरात आ गई तो होने वाली दुल्हन की चचेरी बहन को शादी के लिए मनाया गया। वो तैयार हो गई तो परिजनों के चेहरे पर खुशी लौटी मगर ये सोचकर फिर से निराश हो गए कि क्या दूल्हा तैयार होगा। कन्या पक्ष के लोगों ने बरात पक्ष को घटनाक्रम से अवगत कराया। दूल्हे ने समझदारी दिखाई और वो शादी के लिए तैयार हो गया।
इस बात की खबर लगते ही कन्यापक्ष के लोगों में खुशी की लहर दौड़ गई। धूमधाम से विवाह संपन्न हुआ। रविवार को विदाई होते ही घर से भागी लड़की स्थानीय थाने पहुंच गई। प्रभारी निरीक्षक रामसुरिख गौतम ने भागने का कारण पूछा तो उसने बताया कि घरवाले जबरदस्ती मेरी शादी करवाना चाहते थे। मुझे आईएएस की तैयारी करनी है। उसने बताया कि उसे किसी ने भगाया नहीं बल्कि खुद से गई थी।