जौनपुर। स्वास्थ्य विभाग के निर्देश पर बाहर की दवा लिखने के मामले की जांच करने परियोजना निदेशक (पीडी) और सीएमओ बुधवार को मेडिकल कॉलेज पहुंचीं। इस दौरान पर्चे पर बाहर की दवाएं लिखी मिलीं। सीएमओ ने जांच रिपोर्ट डीएम को सौंप दी है। तीन मार्च के अंक में अमर उजाला ने मेडिकल कॉलेज (उमानाथ सिंह स्वशासी राज्य चिकित्सा महाविद्यालय) की पड़ताल की थी। इस दौरान बाद पता चला कि मरीजों को मेडिकल कॉलेज से दवाएं नहीं दी जा रही हैं। मरीजों को बाहर से दवाएं लिखी जा रही हैं। अमर उजाला इस खबर को मेडिकल कॉलेज में कमीशन का खेल मरीजों को थमाई जा रही अलग पर्ची शीर्षक से प्रमुखता से प्रकाशित की थी। खबर को गंभीरता से लेते हुए डीएम ने मामले की जांच के लिए पीडी केके पांडेय और सीएमओ डा. लक्ष्मी सिंह को नामित किया था। पीडी और सीएमओ बुधवार को जांच के लिए मेडिकल कॉलेज पहुंच गए। सीएमओ ने कई मरीजों का पर्चा लिया। जांच में पता चला कि सभी मरीजों के पर्चे पर बाहर की दवाएं लिखी थीं। इस पर सीएमओ ने नाराजगी जताते हुए डॉक्टरों को चेताया कि किसी भी हालत में मरीजों को बाहर की दवाएं न लिखी जाएं।
काफी दिनों से चल रहा है कमीशन का खेल-मेडिकल कॉलेज में इलाज के लिए आने वाले मरीजों को बाहर की दवाएं काफी दिनों ने लिखी जा रही हैं। डाक्टर कमीशन के चक्कर मरीजों को महंगी दवाएं लिख रहे हैं। इसे लेकर मरीजों ने भी कई बार शिकायत की थी, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई। जांच अधिकारियों ने बताया कि मेडिकल कॉलेज के डाॅक्टरों को चेतावनी दी गई है कि किसी भी हालत वह मरीजों को बाहर की दवाएं न लिखें। अन्यथा की स्थिति में कार्रवाई की जाएगी।
मेडिकल कॉलेज में बाहर से दवा लिखने की खबर अमर उजाला अखबार में प्रकाशित हुई थी। डीएम के निर्देश पर बुधवार को पीडी के साथ मेडिकल कॉलेज की जांच की गई। रिपोर्ट तैयार कर डीएम को सौंपा दिया गया है। शासन स्तर से कार्रवाई की जाएगी।- डा. लक्ष्मी सिंह, सीएमओ जौनपुर