जौनपुर। इसे जिम्मेदारों की लापरवाही कहे या उदासीनता। नौ साल पहले बदलापुर नगर पंचायत में जल निगम की तरफ से 10.24 करोड़ की लागत से लगा ट्यूबवेल व पानी की टंकी से आज तक लोगों के घरों में पानी नहीं पहुंच सका। वजह कि आज तक पाइप कनेक्शन डालकर इसको लोगों के घरों से नहीं जोड़ा गया। इससे लोग आज भी दूर-दराज हैंडपंप व निजी साधनों से पानी लेने को मजबूर हैं। इससे मशीनें व पाइप जंग खा रही है।
नगर पंचायत बदलापुर का गठन 27 जून 2014 में हुआ है, यहां करीब 33 हजार आबादी है। किसी भी नगर पंचायत के गठन का उद्देश्य होता है कि वहां के लोगाें को पानी, सफाई आदि मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध हो। वर्ष 2015-16 में शासन के निर्देश पर जल निगम शहरी की तरफ से नगर पंचायत बदलापुर पेयजल योजना की शुरुआत की गई। इसके तहत 10.24 करोड़ की लागत से दो स्थानों पर ट्यूबवेल व पानी की टंकी बनाई गई। हास्यास्पद यह है कि उस समय के जिम्मेदारों ने इसको घरों तक पानी के कनेक्शन देने के लिए पाइप लाइन नहीं बिछाई। इससे यह ट्यूबवेल पंप शोपीस बना है। फिलहाल जल निगम ने दोनों ही ट्यूबवेल से 100 से 150 कनेक्शन टेस्टिंग देने के लिए बनाया लेकिन उसको भी रोजाना नहीं चालू करते। वजह कि कनेक्शन कम होने व पाइप लाइन कम होने से स्पीड इतनी तेज होती है कि कभी भी पाइप फट जाती है।
इन जगहों पर इतनी क्षमता के ट्यूबवेल व टंकी
जोन प्रथम का ट्यूबवेल रेलवे लाइन के पास प्रयागराज मार्ग पर लगाया गया है। यहां पर 750 किलो लीटर क्षमता की पानी की टंकी बनाई गई है। यहां पर दो ट्यूबवेल लगाए गए हैं। वहीं जोन-द्वितीय में 1400 किलो लीटर क्षमता का नगर पंचायत कपाउंड में पानी की टंकी बनाई गई है। यहां पर कुल 1500 लीटर पर पांच ट्यूबवेल लगाए गए हैं।
नगर पंचायत बदलापुर पेयजल योजना के तहत वर्ष 2015-16 में ट्यूबवेल व पानी की टंकी बनाई गई। उस समय पाइप लाइन व कनेक्शन इस्टीमेट में शामिल नहीं किया गया था। इसलिए उस समय के अधिकारियों ने ऐसा नहीं किया। फिलहाल इसके लिए प्रयास किया जा रहा है। पानी इस वजह से चालू नहीं किया जाता क्योंकि स्पीड अधिक होने से पाइप फट जाती है।-
सचिन सिंह,
अधिशासी अभियंता, जल निगम शहरी।