मीरगंज। थाना क्षेत्र के जरौना गांव निवासी मनीष कुमार की लाश रेल पटरी पर मिलने का रहस्य गहराता जा रहा हैं। जिसे लेकर उलझी पुलिस अब उसके बच्चों का डीएनए टेस्ट कराने के लिए सेंपल लिया है। बच्चों के सिर से अब म़ृतक के सिर की पहचान होगी। इसके लिए शनिवार को मृतक के बच्चों का सेंपल जिला अस्पताल में लिया गया।
जरौना रेलवे स्टेशन के समीप रेल पटरी पर रहस्यमय ढंग से जरौना गांव निवासी मनीष कुमार उपाध्याय का शव सिर विहीन मिला था। घटना के दो दिन बाद घटनास्थल से तीन सौ मीटर दूर झाड़ियो में उसका कटा हुआ सिर मिला। जिसे पुलिस ने कब्जे में लेकर आवश्यक कार्रवाई करते हुए जांच के लिए भेज दिया। वहीं घटना के पांच दिन बाद पुलिस द्वारा कोई कार्रवाई न होता देख सैकड़ो ग्रामीणों ने पुलिस पर लीपापोती का आरोप लगाते हुए शुक्रवार को थाने का घेराव कर उच्चाधिकारियों के आने की मांग करने लगे। जिस पर थानाध्यक्ष को काफी पसीना भी बहाना पड़ा था। शनिवार को पुलिस की सूचना पर मृतक मनीष के बड़े भाई ललित उपाध्याय ने मृतक के पुत्र रुद्र कुमार (6 ) व अनुरुद्ध (4) को लेकर जिला अस्पताल गए, जहां से दोनों बच्चो के पैर का नाखून सहित सिर के बाल व खून का सेंपल लेकर डीएनए टेस्ट के लिए भेजा गया।