जौनपुर। शहर में रोजाना होने वाली सफाई के नाम पर कागजी कोरमपूर्ति की शनिवार को डीएम के निरीक्षण में पोल खुल गई। मुख्य सड़कों से हटकर जैसे ही डीएम मोहल्ले में पहुंचे, वहां की हालत देख भड़क उठे। नालियां बजबजा रही थीं। चारों तरफ गंदगी पसरी थी। सड़क क्षतिग्रस्त मिली। उन्होंने ईओ से जवाब तलब किया और शीघ्र व्यवस्था में सुधार के निर्देश दिए।
साफ-सफाई पर हर माह लाखों रुपये खर्च हो रहा है। बावजूद शहर में सफाई की व्यवस्था बदहाल है। दरअसल, नगर पालिका प्रशासन का पूरा जोर सिर्फ सड़क और मुख्य बाजारों में सफाई पर ही रहता है। इन्हीं इलाकों में सफाई कर्मचारी झाड़ू लगाते, कूड़ा उठाते अक्सर दिख जाएंगे, लेकिन मोहल्लों में यदा-कदा ही जाते हैं। सड़कों का हाल देख उच्चाधिकारी भी अधीनस्थों की पीठ थपथपाकर कर मौन बैठ जाते हैं। जब भी कभी मोहल्लों का निरीक्षण हुआ, वहां गंदगी के कारण जिम्मेदारों को फटकार ही मिली है। कुछ माह पहले नोडल अधिकारी के निरीक्षण में भी यह अव्यवस्था मिली थी। अब डीएम ने भी शनिवार को यही खामी पकड़ी। डीएम मनीष कुमार वर्मा और एसपी राजकरन नय्यर मोहल्ला शांति नगर रुहट्टा में अचानक पहुंच गए। निरीक्षण के दौरान नालियां गंदगी से पटी पड़ी थीं। गंदगी का माहौल है। सड़क भी टूटी हुई मिली। इस पर कड़ी नाराजगी व्यक्त की। ईओ संतोष मिश्रा को निर्देश दिया कि तत्काल नालियों की साफ-सफाई कराएं। बारिश के समय में जलजमाव की स्थिति की शिकायत न आए। इस अवसर पर एडीएम भू-राजस्व राजकुमार द्विवेदी, सफाई निरीक्षक हरिशचंद्र यादव आदि उपस्थित रहे।