सीबीएसई के बाद अब यूपी बोर्ड ने भी 12वीं की परीक्षा निरस्त कर दी है। कई दिनों से परीक्षा को लेकर बना ऊहापोह दूर होने से विद्यार्थियों ने मिली-जुली प्रतिक्रिया दी है। ज्यादातर ने कहा कि परीक्षा रद्द होने के बाद औसत मूल्यांकन से उनका कैरियर प्रभावित होगा। प्रतियोगी परीक्षाओं या आगे की पढ़ाई में मेरिट को आधार बनाए जाने पर वह लाभ से वंचित हो सकते हैं।
उन्होंने मूल्यांकन प्रक्रिया को पारदर्शी बनाने की आवश्यकता जर्ताई है। वहीं, कुछ ने इस फैसले की सराहना भी की। कोरोना महामारी के दौर में परीक्षा कराना ठीक नहीं है, वह भी तब जब सबसे ज्यादा खतरा बच्चों को ही है। जिले में यूपी बोर्ड से 12वीं के 78185 परीक्षार्थी पंजीकृत हैं। इनमें 40595 छात्र और 37590 छात्राएं शामिल हैं।