लायंस क्लब की ओर से कोविड गाइड लाइन का पालन करते हुए शहर के एक होटल में शनिवार को डायबिटीज नियंत्रण व प्रबंधन पर गोष्ठी आयोजित की गई। डा. क्षितिज शर्मा ने कहा कि डायबिटीज लाइफस्टाइल से जुड़ी बीमारी मानी जाती है। कुछ मरीजों में आनुवंशिक होता है। डायबिटीज का मुख्य कारण शारीरिक श्रम व व्यायाम न करना तथा अनहेल्थी खान-पान होता है। दुनिया भर में कोविड-19 संक्रमण की चपेट में आने के बाद हुए डायबिटीज को लेकर अध्ययन चल रहा है। जिन मरीजों में डायबिटीज, हाई ब्लॅड प्रेशर होता है, उनमें कोरोना संक्रमण का खतरा ज्यादा होता है।
डा. वीएस उपाध्याय ने कहा कि गांवों की तुलना में शहरों में ज्यादा डायबिटीज के रोगी हैं। गांवों में अच्छी आबोहवा के कारण शहरों की तुलना में अभी भी डायबिटीज के मरीज बहुत कम हैं। गांवों में डायबिटीज के लगभग 3 प्रतिशत मरीज हैं तो शहरों में 10 से 15 प्रतिशत। चेन्नई जैसे शहरों में तो यह 17 से 18 प्रतिशत हैं। डा. अजीत कपूर ने कहा कि डायबिटीज की रोकथाम, नियंत्रण व प्रबंधन के लिए अपना लाइफस्टाइल बदलें, हेल्थी डाइट लें, शारीरिक रूप से सक्रिय रहें व व्यायाम करते रहें। धूम्रपान, शराब से बचें, पर्याप्त नींद लें, तनाव मुक्त रहें, स्वास्थ्य जांच करें। डा. एमएम वर्मा ने कहा कि जीवन शैली में बदलाव के कारण मधुमेह रोगी बढ़ रहे है। संस्थाध्यक्ष मदन गोपाल गुप्ता ने स्वागत किया। मंडल डायबिटीज चेयरमैन सैय्यद मोहम्मद मुस्तफा ने कहा कि मंडल के 94 लायंस क्लब डायबिटीज जागरूकता कार्यक्रम चला रहे हैं। संचालन संदीप पांडेय ने किया। इस अवसर पर सुरेश चंद्र गुप्ता, डा शिवानंद अग्रहरि, अरुण त्रिपाठी, राकेश श्रीवास्तव, शकील अहमद, अशोक मौर्य, संजय श्रीवास्तव, महेंद्र नाथ सेठ, मनोज चतुर्वेदी, राम कुमार साहू, हेमा श्रीवास्तव, मधु चतुर्वेदी, शत्रुघ्न मौर्य, आर पी सिंह, अनिल गुप्ता, संजय केडिया, अनिल वर्मा, परमजीत सिंह, जीहशम मुफ्ती, शैल मौर्य, गीता गुप्ता, प्रीति गुप्ता, सुधारानी, रविंद्र कालरा आदि उपस्थित रहे।