डेंगू ने पसारे पांव, एक मौत
जौनपुर। डेंगू ने जिले में पांव पसारना शुरू कर दिया है। एक की मौत की पुष्टि होने के बाद स्वास्थ्य महकमें की बेचैनी बढ़ गई है। वैसे मौत इलाहाबाद के एक प्राइवेट नर्सिंग होम में हुई है। चार लोगों में जांच के दौरान डेंगू होने की पुष्टि हुई है। पिछले वर्ष पांच लोगों की जहां मौत हुई थीं वहीं 45 लोगों को डेंगू होने की पुष्टि हुई थीं। स्वास्थ्य महकमा डेंगू के जांच, उपचार हेतु किट, दवाइयां सरकारी चिकित्सालयों में पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध होने का दावा कर रहा है।
मुंगराबादशाहपुर थाना क्षेत्र कोदहूं गांव में शनिवार की रात डेंगू की चपेट मे आने से युवक की मौत हो गई। डेंगू की पुष्टि प्रयागराज के स्वरूपरानी अस्पताल के डाक्टरों ने की है। कोदहूं निवासी श्याम शंकर पांडेय (38) पुत्र सत्यनारायण पांडेय को पिछले एक पखवारे से बुखार था। परिजनों ने प्राथमिक स्वास्थ केंद्र में डाक्टरों को दिखाया। लेकिन कोई आराम नहीं हुआ। लगातार बुखार होने की वजह से परिजन प्रयागराज के स्वरूपरानी हास्पिटल मे भर्ती कराया, जहां पर जांच के बाद डाक्टरों ने डेंगू की पुष्टि की। उसका इलाज उक्त अस्पताल में चल रहा था । शनिवार की देर रात उनकी तबीयत अचानक बिगड़ गई।परिजन आनन -फानन में स्वरूपरानी अस्पताल से निकालकर वाराणसी बीएचयू ले जाने लगे। लेकिन रास्ते में ही उसकी मौत हो गई।
मछलीशहर के रामपुर कला निवासी रेनू सिंह 45 वर्ष पत्नी जगदीश प्रसाद सिंह को डेंगू होने की बीएचयू में पुष्टि के बाद स्वास्थ्य विभाग की टीम गांव में भेजी गई है। यहां पांच लोग बुखार से पीड़ित पाएं गए है। सभी का सैंपल लेकर जांच के लिए भेजा गया है। इसके अलावा वाजिदपुर तिराहा स्थित एक पैथालाजी की जांच में एक मरीज में डेंगू होने की पुष्टि हुई है। रामनगर एवं खुटहन ब्लाक में एक - एक मरीजों में डेंगू होने की पुष्टि ने स्वास्थ्य विभाग की परेशानी बढ़ा दिया है। पिछले वर्ष पांच लोगों की जिले में मौत हुई थीं। जबकि 100 से अधिक लोगों का सैंपल लेकर जांच के लिए भेजा गया था। जिसमें 45 लोगों में डेंगू होने की पुष्टि हुई थीं। इस वर्ष अभी तक दस लोगों का सैंपल भेजा जा चुका है। जिसमें चार की पुष्टि हो चुकी है। रामपुर कला में मेडिकल टीम कैंप कर रहीं है। गांव में छिड़काव कराया जा रहा है।
ऐसे होती है बीमारी
डेंगू एक मच्छर जनित बीमारी है जिसका संक्रमण मादा एडीज मच्छर द्वारा एक अस्वस्थ व्यक्ति से स्वस्थ्य व्यक्ति तक किया जाता है। बरसात के मौसम में जब मच्छरों का घनत्व बढ जाता है तब डेंगू रोग के संक्रमण का प्रबल सम्भावना रहता है। कोई भी बुखार डेंगू बुखार हो सकता है इसलिए बुखार होने पर डेंगू की प्रारम्भिक जांच एनएस वन अवश्य करायें। इसका जांच सभी सरकारी चिकित्सालय में नि:शुल्क होता है।
ये हैं लक्षण
तेज बुखार, आंख के पीछे दर्द, बदन दर्द होना, चक्कर आना, घबराहट एवं बेचैनी होना, रक्ताल्पता एवं अत्यधिक कमजोरी होना।
डेंगू से बचाव के उपाय
मच्छरों का प्रजनन ठहरे हुए जल में होता है। इसलिए घर के आस-पास नालियों, गड्ढों, कूलर, टिन पात्र, गमले, टायरों या अन्य जगहों पर अनावश्यक जल जमाव न होने दें। साप्ताहिक अन्तराल पर जल जमाव के स्थान पर थोडा सा मिट्टी का तेल या जला हुआ मोबिल डाल दें। घर के आस-पास साफ-सफाई का विशेष ध्यान रखें, ऐसे कपडे पहने जिससे हाथ पैर ढका रहे, खुले अंगों पर मच्छर रोधी क्रीम या तेल लगायें।
डेंगू से मुंगराबादशाहपुर के मरीज की मौत होने की मुझे कोई जानकारी नहीं है। रामपुर कला सहित जिले में चार मरीजों में डेंगू होने की पुष्टि के बाद टीम भेजकर छिड़काव, दवाओं का वितरण कराया जा रहा है। मेरी अपील है कि डेंगू के जांच, उपचार हेतु किट, दवाइयां सरकारी चिकित्सालयों में पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध है। बुखार आने पर नजदीक के राजकीय चिकित्सालय में जांच, उपचार करायें।
डा. रामजी पांडेय
सीएमओ