मोबारकपुर बाजार में एक सप्ताह पूर्व उपचार के दौरान बालक की हुई मौत के मामले में पीड़ित पिता ने शनिवार को जिलाधिकारी से फरियाद लगाई। आरोप लगाया कि कथित चिकित्सक पर गैरइरादतन हत्या का केस तो दर्ज हो गया है, लेकिन कब्र में दफनाये गये मृत बालक के शव का पोस्टमार्टम पुलिस नहीं करा रही है। घटना के बाद से ही आरोपी कथित चिकित्सक फरार चल रहा है।
रानीपुर गांव निवासी रोहित विश्वकर्मा ने आरोप लगाया था कि उनके आठ वर्षीय पुत्र शिवांश के पैर में फोड़ा फुंसी हो गया था। जिसका इलाज कराने वह 19 अगस्त को चिकित्सक पिंटू यादव के पास गया था। डाॅक्टर के द्वारा बालक को इंजेक्शन दिया गया। उसके तुरंत बाद शिवांश को उल्टी हुई। उसके बाद वह बेहोश हो गया। जिला चिकित्सालय ले जाते समय रास्ते में उसकी मौत हो गई। पीड़ित पिता का कहना था कि बेटे की मौत के सदमे से वह मानसिक संतुलन खो चुका था। लोगों के बहकावे में आकर शव को पिलकिछा घाट पर दफना दिया था।