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स्वतंत्रता आंदोलन का अहम अध्याय है दांडी मार्च

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बदलापुर/जफराबाद/मुफ्तीगंज। आजादी की 75वीं वर्षगांठ के उपलक्ष्य में अमृत महोत्सव के तहत शुक्रवार को शहीद स्मारकों पर वृहद आयोजन हुए। साइकिल रैली निकाली गई और शहीदों को नमन किया।
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जफराबाद के हौज गांव स्थित शहीद स्मारक पर सीडीओ अनुपम शुक्ला ने गांव में स्थित शहीद स्मारक गेट पर पहुंचे। गेट के पास काली प्रसाद इंटर कॉलेज और रामदुलार इंटर कॉलेज के छात्रों की साइकिल रैली को सीडीओ शुक्ला ने हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। रैली में शामिल छात्रों के हाथों में देश भक्ति और आजादी के संबंधित स्लोगन लिखी तख्तियां थी। रैली शहीद स्मारक तक पहुंच कर खत्म हुई। इस अवसर पर बीडीओ प्रवीण कुमार, चंदन चौहान, भृगुनाथ सिंह चौहान आदि मौजूद रहे। उधर, मुफ्तीगंज के डॉ राम मनोहर लोहिया राजकीय महाविद्यालय में गोष्ठी हुई, जिसमें इतिहास विभाग के प्रोफेसर डॉ अजीत कुमार ने स्वतंत्रता संग्राम पर प्रकाश डाला। पूर्व प्राचार्य डॉ रामकरन मिश्र व प्राचार्य डॉ जयप्रकाश पाठक ने शहीदों के प्रति सम्मान भाव सदैव रखने को प्रेरित किया। भाषण में अजीत कुमार को प्रथम, शुभम को द्वितीय और साक्षी त्रिपाठी को तृतीय पुरस्कार प्राप्त हुआ। निर्णायक मंडल में डॉ नेहा कन्नौजिया व ऊष्मा यादव रहीं। उधर, बदलापुर के सल्तनत बहादुर पीजी कॉलेज की एनएसएस इकाइयों ने संयुक्त रुप से अमृत महोत्सव पर रैली निकाली। प्रबंधक विनोद कुमार सिंह एडवोकेट ने हरी झंडी दिखाकर रैली को रवाना किया। कस्बे के विभिन्न मार्गों से होते हुए रैली कॉलेज परिसर में आकर समाप्त हुई। यहां हुई गोष्ठी में मुख्य अतिथि प्रबंधक विनोद कुमार सिंह और विशिष्ट अतिथि असिस्टेंट प्रोफेसर करम चंद यादव ने स्वतंत्रता आंदोलन में दांडी मार्च के योगदान पर प्रकाश डाला। कहा कि महात्मा गांधी ने दांडी मार्च 12 मार्च को शुरू किया और 6 अप्रैल को दांडी पहुंचकर उन्होंने नमक कानून को तोड़ा। दांडी मार्च से प्रारंभ होने वाला आजादी के अमृत महोत्सव ऐसे समय में प्रारंभ किया गया जब हम 15 अगस्त 2021 को स्वतंत्रा के 75वें वर्ष में प्रवेश कर रहे हैं। संचालन डॉ. राम मोहन अस्थाना ने किया। इस मौके पर कार्यक्रम अधिकारी डॉ. महेंद्र सिंह, डॉ. मुमताज अंसारी, डॉ. पवन सिंह, जोरावर सिंह आदि मौजूद रहे। आभार डॉ. मुमताज अंसारी ने जताया।
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