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निर्बाध बिजली आपूर्ति में बाधक बने क्षतिग्रस्त केबल बाक्स

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शहर को बिजली के तारों के मकड़ जाल से छुटकारा दिलाने और निर्बाध विद्युत आपूर्ति के उद्देश्य से डाला गया भूमिगत केबल निष्प्रयोज्य साबित हो रहा है। जगह-जगह केबल बाक्स क्षतिग्रस्त होने से बिजली आपूर्ति बाधित होती रहती है। इससे दुर्घटना होने का भी डर बना हुआ है, लेकिन जिम्मेदार इसके प्रति उदासीन रवैया अपनाए हुए हैं।
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शहर में बिजली के तारों का जाल बिछा हुआ था। इससे हर समय दुर्घटना होने का डर बना हुआ था। शहरवासियों को निर्बाध आपूर्ति के लिए बिजली भी उपलब्ध नहीं हो पा रही थी। इसे गंभीरता से लेते हुए विद्युत निगम की ओर से शहर को बिजली के तारों के जाल से मुक्त कराने के लिए 20 फीसदी इलाकों में जनवरी 2017 में भूमिगत केबल डालने का कार्य शुरू किया गया। इस बीच शहर में कुल 586 ट्रांसफार्मर मौजूद हैं। जिसमें से महज 69 ट्रांसफार्मरों से जुड़े क्षेत्रों में भूमिगत केबल बिछाने का कार्य शुरू हुआ। इसके लिए 31 करोड़ 45 लाख रुपये भी स्वीकृत हुए थे। यह कार्य विद्युत निगम ने वर्ष 2018 में पूरा कर लिया था, लेकिन इन क्षेत्रों में निर्बाध रूप से बिजली आपूर्ति नहीं हो पाई है। कारण, ओलंदगंज, तारापपुर कालोनी, जेसीज, रूहट्टा व मछरहट्टा आदि स्थानों पर केबल बाक्स क्षतिग्रस्त हो गया है अथवा उसे उखाड़ कर फेंक दिया गया है। जिसे ठीक करने का कार्य जिम्मेदार नहीं कर रहे हैं। इससे बिजली आपूर्ति बाधित होती रहती है।
वर्जन...
- केबल बाक्स लोग उखाड़ कर फेंक दे रहे हैं अथवा वाहनों आदि के कारण क्षतिग्रस्त हो जा रहे हैं। इससे दिक्कत हो रही है। समय-समय पर इसकी जांच कर ठीक करने का कार्य किया जाता है। जहां तक 10 फीसदी कार्य नहीं होने की बात है तो न्यायालय में मामला विचाराधीन होने के कारण कार्य रुका पड़ा है। - नजम अहमद, एक्सईएन तृतीय, विद्युत।
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