Jaunpur News: सरकारी वकील वेद प्रकाश तिवारी व रमेश चंद्र पाल ने कोर्ट में गवाहों का बयान अंकित कराया। कोर्ट ने दोनों पक्षों की बहस सुनने के बाद पत्रावली में उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर दोषी मनोज गौतम को अपहरण व दुष्कर्म के मामले में दोषी पाते हुए बीस साल की सजा सुनाई।
जौनपुर के अपर सत्र न्यायाधीश एफटीसी पॉक्सो एक्ट द्वितीय अपर्णा देव ने बरसठी क्षेत्र निवासी नाबालिग के अपहरण व दुष्कर्म के मामले में दोषी मनोज गौतम को 20 वर्ष की सजा सुनाई। साथ 20,000 रुपये का जुर्माना लगाया। अर्थदंड की आधी धनराशि पीड़िता को देने का आदेश हुआ। घटना की प्राथमिकी पीड़िता की मां ने दर्ज कराई थी।
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वादी के अनुसार घटना 16 जनवरी 2017 को 10:30 बजे की है। पीड़िता स्कूल जाने के लिए बस का इंतजार कर रही थी। इसी दौरान बाइक से मनोज व उसका साथी वहां आए और उसे स्कूल छोड़ने को कहा। मना करने पर उसको नशीला पदार्थ युक्त रुमाल सुंघा दिया, जिससे वह बेहोश हो गई। उसे होश आया तो वह एक ट्रेन में थी। आरोपी मनोज वहां मौजूद था।
वह पीड़िता को अपनी बहन के घर लेकर गया। वहां से कालीकुत्ती ले गया और उसके साथ दुराचार किया। इसके बाद बस में बैठाकर जमालापुर छोड़ दिया। पीड़िता अपने घर आई और परिजनों को आपबीती बताई। पुलिस ने पीड़िता का चिकित्सीय परीक्षण कराने के बाद मजिस्ट्रेट के समक्ष बयान कराया विवेचना करके केस डायरी कोर्ट में दाखिल की।