चंदवक थाना क्षेत्र के उमरवार भदवार गंाव में सोमवार को श्रमिक ने फांसी लगाकर जान दे दी। परिवार वालों के मुताबिक कर्ज में डूबने की वजह से इन दिनों वह तनाव में था। उसका शव घर से दूर आम के पेड़ पर नाइलान की
रस्सी से लटकता पाया गया। गांव निवासी अरविंद (40) आठ बजे घर से दूर दूसरे के खेत की सिंचाई के लिए गया था। करीब नौ बजे घास काटने निकली महिलाओं ने पेड़ पर लटकता शव देखा तो शोर मचाया। मौके पर भीड़ जमा
हो गई। वह तीन पुत्र और तीन बेटियों का पिता है। सबसे बड़ी बेटी 10वीं की परीक्षा दे रही है। मृतक की पत्नी राधिका का कहना है कि परिवार की आजीविका चलाने के लिए उसके पास मजदूरी के अलावा कोई रास्ता नहीं था।
आवंटन में मिली भूमि को समतल करने के लिए कर्ज लिया गया था। बाद में कर्ज लेकर अरविंद ने साइकल का पंचर बनाने और उसके पार्ट की दूकान खोल ली थी। दूकान नहीं चली और पैसा भी डूब गया।
धीरे धीरे कर्ज बढ़ता गया और परिवार का खर्च भी बढ़ता गया। इधर बीच दो तीन लोग कर्ज वापस करने का दबाव बना रहे थे जिससे वह काफी तनाव में थे। अरविंद अपने परिवार का एक मात्र कमासुत सदस्य था। उसकी मौत से घर में कोहराम मच गया है।