11 साल से न्याय के लिए भटक रही है पीड़िता
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जफराबाद थाना क्षेत्र में 12 वर्ष पूर्व पट्टीदारी और मुकदमे बाजी की रंजिश को लेकर गोली मारकर हुई दोहरे हत्याकांड के मामले में शनिवार को एडीजे द्वितीय अरविंद मलिक ने प्रधान समेत तीन आरोपियों को दोषी करार देते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई ।
साथ ही 16-16 हजार रुपए अर्थदंड लगाया । अर्थ दंड नहीं अदा करने पर छह-छह माह की अतिरिक्त सजा भुगतनी होगी। अभियोजन कथानक के अनुसार- जफराबाद थाना क्षेत्र के समोपुर कला निवासी विजय कुमार यादव ने थाने में इस आशय की रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि आरोपी अरुण कुमार यादव से पट्टीदारी व मुकदमे बाजी की
रंजिश चली आ रही है। 14 जनवरी 2005 की दोपहर में घर की औरतें खेत में कार्य करने गई थीं। वहीं पर आरोपी अरुण कुमार यादव के घर की औरतों का विवाद हो गया था। इसी बात को लेकर आरोपी गण समोपुर निवासी वर्तमान प्रधान अरुण कुमार यादव व मुन्ना तथा रायपुर निवासी सर्वेश कुमार चौहान एक राय होकर असलहा के साथ
शाम पांच बजे मेरे घर चढ़ आए। इसके बाद मेरे बड़े पिता बंशराज पर हमला कर दिए। शोर पर बचाने मेरे बड़े भाई रामरतन व गांव के निबूलाल आए। आरोपी अरुण कुमार ने रामरतन को और सर्वेश कुमार ने निबूलाल को तमंचे से गोली मार दी। निबूलाल की मौके पर ही मौत हो गई। जबकि रामरतन जिला चिकित्सालय में मौत हो गई।
पुलिस ने मामले की विवेचना पूरी कर आरोप पत्र कोर्ट में दाखिल किया। अभियोजन पक्ष से सहायक शासकीय अधिवक्ता जवाहरलाल यादव व ज्ञानेंद्र कुमार ने कुल 12 गवाह न्यायालय में परिक्षित कराए। न्यायाधीश ने दोनों पक्षों की बहस व तर्कों को सुनने एवं पत्रावली पर उपलब्ध साक्ष्यों के परिसीलन के पश्चात प्रधान सहित तीनों आरोपियों को दोषी करार देते हुए आजीवन कारावास व 16-16 हजार रुपए की अर्थदंड की सजा सुनाई है।