केराकत थाना क्षेत्र में आठ वर्ष पूर्व पुरानी रंजिश में चाकू से जानलेवा हमला करने के आरोपी तीन सगे भाईयों को मंगलवार को एडीजे तृतीय अशोक कुमार ने पांच वर्ष का सश्रम कारावास एवं साढ़े चार-चार हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई है। जबकि क्रास केस में तीन आरोपियों को तीन-तीन माह की सजा सुनाई।
अभियोजन के अनुसार, केराकत थाना क्षेत्र के खरहरा गांव निवासी अंतिम उर्फ गुड्डू पुत्र मुंशी ने थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि पूरानी रंजिश को लेकर 13 जुलाई 2008 की रात 10 बजे आरोपीगण नखरहरा गांव निवासी प्रकाश, संतोष व विनोद पुत्रगण वंशराज राम ने गाली गलौज दी और घर में घुस आए। जब पिता मुंशी, भाई रामचंदर व रवींद्र ने मना किया तो उन पर चाकूओं से जानलेवा हमला कर दिया। जिससे तीनों घायल हो गए। शोर पर गांव के नंदलाल व जगदीश ने पहुंचकर बीचबचाव किया।
पुलिस ने मामले की विवेचना पूरी कर आरोप पत्र कोर्ट में दाखिल किया। अभियोजन पक्ष से सहायक शासकीय अधिवक्ता अली अरशद ने कुल आठ गवाह पेश किए। न्यायाधीश ने दोनों पक्षों की बहस व तर्को को सुनने के बाद तीनों आरोपियों प्रकाश, संतोष व विनोद को दोषी करार देते हुए पांच वर्ष का सश्रम कारावास एवं साढ़े चार-चार हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई है। जबकि क्रास केस में खरहरा निवासी वंशराज ने आरोपी मुंशी, रामचंदर व रविंद्र के विरुद्ध रिपोर्ट दर्ज कराई थी। न्यायाधीश ने तीनों आरोपियों को तीन-तीन माह की सजा सुनाई है। अभियोजन पक्ष से पैरवी सहायक शासकीय अधिवक्ता प्रकाश मिश्र ने किया।