स्थानीय थाना क्षेत्र के एक गांव 25 दिन पहले किशोरी के साथ हुए सामूहिक दुष्कर्म के मामले में पुलिस अभी तक आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं कर पाई है। उलटे आरोपी पीड़ित को ही धमकी दे रहे हैं। आरोप है कि पुलिस शुरू से ही आरोपियों का बचाव कर रही है।
पहले तो मुकदमा दर्ज करने में हीलाहवाली की गई और अब आरोपियों की गिरफ्तारी करने से पुलिस कतरा रही है। थाना क्षेत्र के एक गांव में 10 अगस्त को खेत की तरफ गई किशोरी को गांव के दो युवकों ने डरा धमकाकर उसके साथ सामूहिक दुष्कर्म किया।
रोते बिलखते किशोरी घर पहुंची। घर वालों को घटना की जानकारी दी तो पूरे गांव में शोर मच गया। दुष्क र्म के आरोपियों का बचाव करने वालों ने पहले तो लड़की के पिता को थाने जाने से रोकने की कोशिश की। बाद में वह किसी तरह हिम्मत कर के बेटी के साथ थाने में जाकर अपनी पीड़ा सुनाई तो पुलिस ने तहरीर लेकर उसे वापस कर दिया।
दो दिनों तक पुलिस मामले को दबाए रखी। पहले तो पुलिस ने लड़की के पिता पर आरोपियों से समझौता कराने का दबाव बनाया। लेकिन वह कार्रवाई के लिए अडिग रहा तो दो दिन बाद 12 अगस्त को पुलिस ने दो के खिलाफ दुष्कर्म, मारपीट, पास्को एक्ट के तहत केस दर्ज कर लड़की को मेडिकल जांच के लिए भेज दिया।
घटना के 25 दिन बीत गए लेकिन पुलिस आरोपियों को गिरफ्तार नहीं कर सकी। लड़की के पिता का आरोप है कि आरोपी उलटे उन्हें धमकी दे रहे हैं। इस संबंध में सीओ राजकुमार पांडेय का कहना है कि दुष्कर्म के आरोपियों को गिरफ्तारी का निर्देश बक्शा पुलिस को दिया गया है। आरोपी घर से फरार हैं। पुलिस लगातार उनकी गिरफ्तारी के लिए प्रयास कर रही है। शीघ्र गिरफ्तार कर लिया जाएगा।