गौराबादशाहपुर थाना क्षेत्र के दहेज हत्या के मामले में गवाही के समय वादी व उसकी पत्नी अपने बयान से मुकर गई। इससे गुरुवार को फास्ट ट्रैक कोर्ट प्रथम के जज एमपी सिंह ने संदेह का लाभ देते हुए पति समेत चार आरोपियों को बरी कर दिया।
साथ ही न्यायालय में झूठी गवाही देने पर वादी मुकदमा गौराबादशाहपुर थाना क्षेत्र के प्रेमापुर निवासी सुरेश गुप्त व उसकी पत्नी मीना देवी के खिलाफ प्रकीर्णवाद दर्ज करते हुए नोटिस जारी किया है।
मामले के अनुसार- गौराबादशाहपुर थाना क्षेत्र के प्रेमापुर निवासी सुरेश गुप्त ने थाने में इस आशय की रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि उसने अपनी पुत्री प्रीति की शादी सात जुलाई 2010 को कस्बा व थाना गौराबादशाहपुर निवासी अमर कुमार साहू पुत्र किशोरी लाल के साथ किया था।
अपने सामर्थ्य के अनुसार दान दहेज दिया था। पुत्री विदा होकर ससुराल गई तो पति अमर कुमार साहू , जेठ संजय कुमर साहू, ससुर किशोरीलाल साहू व मालती देवी दहेज में मोटर साइकल की मांग को लेकर प्रताड़ित करने लगे।
उक्त मांग पूरी नहीं होने पर एक दिसंबर 2012 को पुत्री प्रीति को मार डाले। पुलिस ने मामले की विवेचना पूरी कर आरोप पत्र कोर्ट में दाखिल किया। न्यायालय में गवाही के समय वादी मुकदमा सुरेश गुप्त व उसकी पत्नी मीना देवी अपने बयान से मुकर गई। जिससे संदेह का लाभ पाकर आरोपी बरी हो गए। जबकि झूठी गवाही देने पर वादी व उसकी पत्नी के खिलाफ प्रकीर्णवाद दर्ज करते हुए नोटिस जारी किया गया है।