स्थानीय थाना क्षेत्र के नेवादा गांव में दो दिसंबर की रात हुई भुल्लन दास की हत्या के मामले में आरोपी बेटे और उसके साथी को पुलिस ने गुरुवार को गिरफ्तार कर लिया। प्रापर्टी के विवाद में उसने पिता की गला रेत कर हत्या कर दी थी।
जलालपुर थानाध्यक्ष नरेंद्र कुमार सिंह ने घटना का खुलासा करते हुए बताया कि मुखबिर से सूचना मिली थी कि भुल्लनदास की हत्या में शामिल आरोपी मुकदमे के गवाह के चक्कर में इलाके में घूम रहा है। वह त्रिलोचन से होकर वाराणसी की ओर जाने वाला है।
इस सूचना पर पुलिस ने ओइना तिराहे के पास घेराबंदी कर पल्सर सवार को गिरफ्तार कर लिया। पल्सर सवार विकास और उसका साथी रियाजुल वाराणसी के मिर्जामुराद थाना क्षेत्र के कल्लीपुर गांव के निवासी हैं।
विकास ने रियाजुल के साथ मिलकर दो दिसंबर को नेवादा गांव के पास अपने पिता भुल्लन दास की गला रेतकर हत्या कर दी थी। पुलिस ने मृतक के दामाद कमलेश निवासी कंसरायपुर, मिर्जामुराद वाराणसी की तहरीर पर विकास के खिलाफ नामजद केस दर्ज किया था।
थानाध्यक्ष ने बताया कि वाराणसी के मिर्जामुराद थाना क्षेत्र के कल्लीपुर निवासी भुल्लनदास कोलकाता में नौकरी करते थे। रिटायर्ड होने के बाद वह जलालपुर के नेवादा गांव में अपने साथी के यहां रहते थे।
नौकरी के दौरान ही उनके बेटे विकास ने पिता को मृत दिखाकर इनकी प्रापर्टी मां के नाम वसीयत करा ली थी। बाद में मां से उसने प्रापर्टी का कुछ हिस्सा दूसरे के नाम मुहायदा करा दिया था। भुल्लनदास को जब यह बात पता चली तो वह कोर्ट में जाकर खुद को जिंदा साबित किए।
इसी बात को लेकर पिता पुत्र के बीच केस चल रहा था। गिरफ्तार अभियुक्त के पास से तमंचा और दो कारतूस बरामद किया है। उसकी निशानदेही पर पुलिस ने हत्या में प्रयुक्त चाकू भी बरामद कर लिया है।