मध्य प्रदेश से देसी शराब मंगाकर उस पर फर्जी रैपर और होलोग्राम लगाकर बेचने वाले गिरोह का नेटवर्क तोड़ने के लिए पुलिस और आबकारी विभाग ने संयुक्त रूप से तैयारी कर ली है। वैसे इस धंधे में लगे तस्कर कोई सामान्य नही हैं। उनके पकड़े जाने पर पैरवी जिले के ही कुछ मंत्री, विधायक और नेता करते हैं।
सूत्रों की मानें तो एक तस्कर एक मंत्री का पट्टिदार है। हाल ही में आबकारी विभाग ने तीन तस्करों को गिरफ्तार किया है। पूछताछ में तस्कराें ने पूरे नेटवर्क का खुलासा किया है। इन तस्करों के पास से भारी मात्रा में रैपर और होलोग्राम मिला था।
पूछताछ में तस्करों ने बताया कि उनका एक गिरोह होलोग्राम और रैपर बेचता है, दूसरा गिरोह मध्य प्रदेश से शराब लाता है और तीसरा उसे बेचने का कार्य करता है। सूत्राें की मानें तो तस्करों ने ग्रामीण अंचलों के कुछ लाइसेंसी दुकानों पर भी देर रात उनके द्वारा सप्लाई की गई शराब बेचने की तरफ इशारा किया है। इसकी भनक डीएम भानुचंद्र गोस्वामी को भी लगी है। डीएम के निर्देश पर पुलिस और आबकारी विभाग की संयुक्त टीम गठित की जाएगी जो तस्करों का नेटवर्क तोड़ेगी।