शादी समारोह में कुछ बच्चे महिलाओं के आभूषण और नकदी से भरे बैग चुरा रहे हैं, लेकिन पुलिस पीड़ितों की रिपोर्ट दर्ज नहीं कर रही है। पुलिस का मानना है कि इन वारदातों में बच्चों को इस्तेमाल किया जा रहा है। इनके आका इन्हें प्रशिक्षित कर समारोह में भेजते हैं। एसएसपी ने मामलों की जांच और बच्चों को मोहरा बनाने वाले की गिरफ्तारी के लिए टीम गठित कर दी हैं।
बच्चों से चोरी करवाने वाले आकाओं के निशाने पर शहर के चुनिंदा मैरिज होम और होटल हैं। कार्यक्रमों के शुरू होने के बाद आका बच्चों को सजाधजा कर लाते हैं और समारोह स्थल के बाहर छोड़कर दूर खड़े हो जाते हैं। थोड़े से लालच में फंसे बच्चे कार्यक्रम समारोह में घुसकर पहले खाने-पीने का लुत्फ उठाते हैं। इस दौरान वह महिलाओं के पर्सों पर भी नजर रखते हैं। इनके निशाने पर दूल्हा अथवा दुल्हन पक्ष के परिजन होते हैं। जरा सी चूक होते ही बच्चे पर्स लेकर सीधे गेट की तरफ भागते हैं, जहां से आका गाड़ी में बैठाकर चले जाते हैं। पिछले एक सप्ताह में ऐसी तीन वारदातों सामने आईं, इनमें दो कोतवाली और एक नवाबाद थाना क्षेत्र में हुईं। तीनों घटनाओं को पुलिस ने दर्ज नहीं किया।
मामला संज्ञान में आने पर वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक अखिलेश चौरसिया ने बच्चों की तलाश में टीम को लगा दिया है। टीम को बच्चों के साथ-साथ उनके आकाओं को भी पकड़ने का टारगेट दिया गया है। पुलिस टीम ने तीनों घटना स्थलों से सीसीटीवी फुटेज ले लिए हैं।
केस एक
10 नवंबर की रात कोतवाली के हींगन कटरा निवासी राजेश श्रीवास्तव के पुत्र शोभित श्रीवास्तव की पुरानी तहसील के सामने स्थित एक विवाह घर में शादी थी। शोभित की मां नीलम श्रीवास्तव का बैग 11-12 साल का चोर चुराकर ले गया था, जिसमें डेढ़ लाख रुपये नगद, तीन सोने की चेन, चार अंगूठी आदि जेवर आदि थे।
केस दो
17 नवंबर को ग्वालियर रोड स्थित विवाह घर से करीब चार लाख रुपये के सोने के जेवरात का बैग चोरी हो गया। इस वारदात से पहले कोतवाली पुलिस ने इनकार किया। जब पीड़ित ने उच्चाधिकारियों से फरियाद लगाई तब पुलिस ने वारदात का होना स्वीकार किया और फुटेज खंगाले।
केस तीन
17 नवंबर की रात जीवनशाह तिराहा स्थित होटल में महिला संगीत का कार्यक्रम से एक बच्चा सीमा मोदी का जेवर और नकदी से भरा बैग चुराकर भाग गया। नवाबाद थाना पुलिस ने होटल से फुटेज कब्जे में लेकर कई स्थानों पर छापे मारकर चोरी करने वाले को तलाश किया।