श्रमजीवी बम विस्फोट कांड का आरोपी ओबैदुर्रहमान उर्फ बाबू भाई।
श्रमजीवी एक्सप्रेस ट्रेन बम विस्फोट कांड के दूसरे आरोपी ओबैदुर्रहमान उर्फ बाबू भाई के मामले में एडीजे प्रथम बुधिराम यादव की अदालत मंगलवार को फैसला सुनाएगी। इस मामले में हूजी आतंकी मो. आलमगीर उर्फ रोनी को कोर्ट 30 जुलाई को फांसी की सजा सुना चुकी है।
फैसले के मद्देनजर दीवानी न्यायालय परिसर में सुरक्षा के कड़े इंतजाम कर दिए गए हैं। 28 जुलाई 2005 की शाम 5:20 बजे हरपालगंज रेलवे स्टेशन के समीप हरिहरपुर रेलवे क्रासिंग के पास पटना से दिल्ली जाने वाली श्रमजीवी एक्सप्रेस ट्रेन की जनरल बोगी में धमाका हुआ था।
इसमें 12 यात्रियों की मौत और 18 घायल हो गए थे। इस मामले में आरोपी ओबैदुर्रहमान उर्फ बाबू भाई, नफीकुल विश्वास, सोहाग उर्फ हिलाल उर्फ हिललुद्दीन और मो. आलमगीर के विरुद्ध कोर्ट में विचारण चल रहा था। मामले में मो. आलमगीर उर्फ रोनी को फांसी की सजा सुनाई जा चुकी है।
जबकि आरोपी नफीकुल विश्वास, सोहाग उर्फ हिलाल उर्फ हिल्लालुद्दीन अन्य मामलों में विचारण के लिए हैदराबाद जेल भेज दिए गए हैं। मामले में कुल सात आतंकी आरोपी थे। इसमें इनके अलावा शरीफ उर्फ कंचन उर्फ शैफुद्दीन व गुलाम पाजदानी उर्फ याहिया फरार चल रहे हैं।
जबकि आतंकी आरोपी डा. सईद की मौत हो चुकी है। पुलिस की विवेचना के मुताबिक ओबैदुर्रहमान आतंकी संगठन हरकत-उल जिहाद-अल इस्लामी (हूजी) का एरिया कमांडर है। वह बंगलादेश का निवासी है। इसके मामले में सुनवाई पूरी हो चुकी है।