गोंडा से वाराणसी जा रही इंटरसिटी एक्सप्रेस में रविवार को सफर कर रहे एक कोल डिपो के कर्मचारी के पास से 14 लाख रुपयों से भरा बैग बदमाश लेकर भाग गए। खेतासराय स्टेशन के पास यह घटना घटी। कर्मचारी रुपयों से भरा बैग ऊपर की सीट पर रखकर नीचे बैठा था। तभी उसे झपकी आ गई और बदमाश रुपयों से भरा बैग लेकर फरार हो गए। शाहगंज और जौनपुर जीआरपी पुलिस खेतासराय स्टेशन पहुंचकर जांच पड़ताल में जुट गई। जीआरपी घटना को संदिग्ध मान रही।
मुगलसराय निवासी सुभाष चंद्र का चंदौली में कोल डिपो है। उनके यहां तैनात कर्मचारी चंदौली निवासी अरुण राजभर रविवार को वसूली कर ट्रेन द्वारा अयोध्या से लौट रहा था। रुपयों से भरा बैग ऊपर की बर्थ पर रख कर वह नीचे की सीट पर बैठा था। पीड़ित कर्मचारी के मुताबिक ट्रेन अकबरपुर से आगे बढ़ी तो उसे झपकी आ गई। खेतासराय स्टेशन पर उसे आस पास के यात्रियों ने बताया कि उसका बैग लेकर कोई भाग रहा है। ट्रेन 11:50 पर खेतासराय पहुंची थी और 11:51 पर छूट गई। पीड़ित यात्री ने जौनपुर जंक्शन पर उतर कर घटना की सूचना जीआरपी को दी । जौनपुर से जीआरपी इंस्पेक्टर आरएन पाण्डेय और शाहगंज से जीआरपी प्रभार एसपी सिंह ने खेतासराय रेलवे स्टेशन पहुंच कर लोगों से पूछताछ की। स्टेशन अधीक्षक जीपी सिंह से भी जानकारी ली गई।
जीआरपी थाने के इंचार्ज आरएन पांडेय का कहना है कि कोल डिपो के मालिक ने भी घटना पर संदेह जताया है। इतना रूपया नकद लेकर कर्मचारी कैसे जा रहा था और रुपये लिया भी था तो वह इतना बेखबर होकर सो कैसे गया। सभी तथ्यों की जांच की जा रही है। कोल डिपो के मालिक के आने के बाद लिखा पढ़ी की जाएगी। एसपी जीआरपी केपी सिंह का कहना है कि सभी पहलुओं पर जांच की जा रही है। वैसे कर्मचारी के बार-बार बयान बदलने से मामला संदिग्ध लग रहा है।