बक्शा/थानागद्दी। बक्शा व चंदवक थाना क्षेत्र में आक्रोशित किसानों ने आवारा पशुओं को विद्यालय में बंद कर दिया। स्कूल पहुंचे शिक्षकों ने इसकी सूचना अधिकारियों को दी।
बक्शा थाना क्षेत्र के सुजियामऊ गांव में आक्रोशित ग्रामीणों ने सोमवार को फसलों को नष्ट कर रहे पशुओं को विद्यालय में बंद कर दिया। स्कूल पहुँचे शिक्षकों ने उच्चाधिकारियों को सूचना देते हुए विद्यालय बंद कर दिया। सुबह ग्रामीणों ने आक्रोशित होकर लाठी डंडे से लैस होकर पशुओं को घेर कर प्राथमिक विद्यालय परिसर में घुसाकर ताला बंद कर दिया। सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंच गई। पूर्व ब्लॉक प्रमुख श्रीपति उपाध्याय एवं कुछ ग्रामीणों ने लोगों को समझा बुझाकर बछड़ों को बगीचे में बंधवाया।
उधर चंदवक थाना क्षेत्र के ग्राम पंचायत भैंसा स्थित परिषदीय प्राथमिक एवं उच्च प्राथमिक पाठशाला में गौरव पाठक और संतोष मौर्य के नेतृत्व में दर्जनों किसानों ने मिलकर छुट्टा पशुओं को बंद कर दिया। धीरे धीरे भैंसा सहित बंशीपुर बरईन का पूरा, घुनाकापुरा, कोसडे, कोहिनारे सजतिया का पुरा, हनुमानतर, बरामनपुर जोगिया के किसानों ने छुट्टा पशुओं को पकड़कर सैकड़ों गाय व बछड़ों को विद्यालय परिसर बंदकर दिया। इसकी सूचना ग्रामीणों ने रविवार को ही प्रशासन को दे दी थी। सोमवार को शिक्षक शिक्षार्थी विद्यालय पहुँचे तो में गेट पर प्रदर्शनकारी किसानों का हुजूम और विद्यालय परिसर में विचरण कर रहे पशुओ को देख आश्चर्यचकित हो गए। प्रधानाध्यापिका चंद्रावती सिंह की सूचना पर एबीएसए राजेश यादव भी मौके पर पहुंच गए। लेकिन किसानों ने ताला नहीं खोला। घंटो इंतजार के बाद बच्चे वापस घर चल गए। ग्रामीण ने छुट्टा पशुओं को गोशाला में भेजने की बात कही।