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ेशी के दौरान आतंकियों को अधिवक्ताओ ने की पीटने की कोशिश ..

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जौनपुर। श्रमजीवी विस्फोट के आरोपी हिलाल और नफीकुल विश्वास पर पेशी के दौरान शनिवार को अधिवक्ताओं ने हमले का प्रयास किया। पाकिस्तान मुर्दाबाद के नारे लगाए। पुलिस ने किसी तरह बचाकर दोनों को वैन में बैठाकर जेल पहुंचाया। उनकी पैरवी करने वाले अधिवक्ताओं के खिलाफ भी नारेबाजी की गई।
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श्रमजीवी एक्सप्रेस ट्रेन में हुए विस्फोट के मामले में आतंकी आरोपी हिलाल उर्फ हिलालुद्दीन व नफिकुल विस्वास को जिला कारागार से लाकर पुलिस सुरक्षा के बीच एडीजे प्रथम अशोक कुमार सिंह की अदालत में पेश किया गया। मामले में बहस के लिए दो मार्च की तिथि नियत की गई। पेशी के बाद दोनों आरोपियों को कारागार ले जाते समय आक्रोशित अधिवक्ताओं ने पाकिस्तान मुर्दाबाद, आतंकवाद मुर्दाबाद के नारे लगाने शुरू कर दिए। उनके आक्रोश देखते हुए पुलिस कर्मियों ने आरोपियों को आनन फानन में वैन में बिठा दिया। वैन में बैठाते समय कुछ अधिवक्ताओं ने उनको पुलिस सुरक्षा के में पीटने का प्रयास किया। 28 जुलाई 2005 की शाम सवा पांच बजे पटना से दिल्ली जाने वाली श्रमजीवी एक्सप्रेस ट्रेन की साधारण बोगी में हरपालगंज रेलवे स्टेशन के हरिहर पुर रेलवे क्रासिंग पर जोर का बम धमाका हुआ था, जिसमें चौदह यात्रियों की मौत व साठ से अधिक यात्री गंभीर रूप से घायल हो गए थे। चारों तरफ अफरातफरी का माहौल और भय व्याप्त हो गया था। इस मामले मे दो आतंकी आरोपियों मोहम्मद आलमगीर उर्फ रोनी व ओबैदुर्रहमान उर्फ बाबू भाई को दोषी करार देते हुए फांसी की सजा सुनाई जा चुकी है। इसकी अपील हाईकोर्ट में लंबित है। आतंकी आरोपी हिलाल उर्फ हिलालुद्दीन व नफिकुल विस्वास के मामले बहस चल रही है। आतंकी आरोपियों की पैरवी करने आए आजमगढ़ के अधिवक्ता ने कोर्ट में प्रार्थनापत्र देकर सभी गवाहों के बयान की कापी मांगी। एक साल से बहस चल रही है। अगली सुनवाई दो मार्च को होगी।
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