रामपुर (जौनपुर)। स्थानीय थाना बाजार में स्थित वर्मा हॉस्पिटल में इलाज के दौरान किशोर की मौत से गुस्साए परिजनों ने बवाल किया। अस्पताल में तोड़फोड़ की और एक कर्मचारी की बाइक फूंक दी। अस्पताल के वार्डों का दरवाजा अंदर से बंद कर दिया गया। सूचना पर पहुंची पुलिस ने बालू और पानी कीी मदद से आग बुझाई। गुस्साए लोगों ने डाक्टर की पिटाई की और पकड़कर थाने ले जाकर पुलिस के हवाले कर दिया।
रामपुर थाना क्षेत्र के कोटिगांव रामनगर निवासी अशोक पांडे का पुत्र सत्यम (17) और पन्ना लाल यादव का पुत्र आनंद (18) मंगलवार सुबह घर के पास स्थित आम के पेड़ पर चढ़कर आम तोड़ रहे थे । डाल टूटने से एक साथ दोनों नीचे गिरकर घायल हो गए थे। परिजनों ने दोनों को रामपुर स्थित डॉक्टर आशाराम वर्मा के हॉस्पिटल में भर्ती कराया था। आनंद यादव को प्राथमक उपचार के बाद छोड़ दिया गया था। गंभीर रूप से घायल सत्यम को भर्ती किया गया था। परिजनों का आरोप है कि करीब तीन बजे डॉक्टर की लापरवाही के कारण एक इंजेक्शन लगाते ही किशोर की मौत हो गई। सत्यम की मौत की खबर जैसे ही कोटिगांव में पहुंची तो वहां से 30-40 की संख्या में लोग अस्पताल पहुंचे और तोड़फोड़ करने लगे। कुछ लोगों ने डॉक्टर आसाराम को पकड़ लिया और पिटाई करते हुए आधा किलोमीटर दूर थाने पर ले गए। थाने पर मौजूद प्रभारी थानाध्यक्ष बृजेश कुमार ने तुरंत शव को पोस्टमार्टम के लिए जिला अस्पताल भेज दिया और डॉक्टर को हिरासत में ले लिया। कुछ उपद्रवी फिर हॉस्पिटल पर पहुंच गए और तोड़फोड़ करने लगे। वहां खड़ी अस्पताल के कर्मचारी मुसईपुर निवासी मनीष यादव की बुलेट बाइक में आग लगा दी। पुलिस ने बालू फेंककर बाइक को बुझाया। प्रभारी थानाध्यक्ष ने कहा कि सभी उपद्रवियों के खिलाफ मुकदमा लिखा जाएगा। आरोपी डाक्टर आशाराम वर्मा का कहना है कि उन्होंने किशोर को कोई इंजेक्शन नहीं लगाया था।