जौनपुर। कोतवाली थाना क्षेत्र के सिपाह निवासी अरुण कुमार यादव को पड़ोसी की शह पर थाने पर ले जाकर मारने-पीटने, रुपए व मोबाइल छीनने के मामले में वादी की प्रार्थना पत्र पर सीजेएम ने क्षेत्राधिकारी, कोतवाल सहित तीन पुलिसकर्मियों के खिलाफ वाद दर्ज करके उसकी रिपोर्ट तलब की है।
मामले के अनुसार अरुण कुमार यादव निवासी सिपाह कोतवाली ने कोर्ट में अधिवक्ता उपेंद्र विक्रम सिंह के माध्यम से प्रार्थना पत्र देकर आरोप लगाया है कि वह एक अखबार का संपादक है। कई बार पुलिस की खामियों का अत्याचार की खबरें छाप चुका है। इससे पुलिसकर्मी उससे नाराज रहते थे। 15 जुलाई 2018 को मेरे पट्टीदारों द्वारा मुझे मारा पीटा गया और लूटपाट की गई। पट्टीदारों के नाजायज व अनुचित दबाव में कोतवाली पुलिस उन्हें थाने पर ले गई। वहां सीओ, कोतवाल व दरोगा उन्हें लॉकअप में बंद कर बेरहमी से मारे, फर्जी मुकदमों में फंसाने की धमकी देते हुए मेरा रुपया व मोबाइल छीन लिए और गलत ढंग से चालान कर दिये। दूसरे दिन जमानत करा कर घर पहुंचा तो पुलिसकर्मी मेरे घर पर आए। घर तहस-नहस करते हुए एनकाउंटर की धमकी दिए। पुलिस के शीर्ष अधिकारियों को प्रार्थना पत्र देने के बावजूद कोई कार्रवाई नहीं हुई तब कोर्ट का दरवाजा खटखटाया।