जौनपुर। बदलापुर क्षेत्र के बिठुआ कला स्थित ससुराल में राज्य ललित कला अकादमी की पूर्व उपाध्यक्ष संगीता यादव रविवार की रात अबूझ हाल में झुलस गईं। सूचना पर पहुंची पुलिस ने उन्हें बदलापुर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती कराया, जहां से डाक्टरों ने जिला अस्पताल के लिए रेफर कर दिया। उन्हें शहर के एक प्राइवेट चिकित्सालय में भर्ती कराया गया है। डाक्टरों के अनुसार वह दस प्रतिशत झुलसी हैं। संगीता ने अपने पति की साजिश से सास एवं ससुर पर दहेज के लिए जलाकर मारने के प्रयास का आरोप लगाया है। संगीता के भाई की तहरीर पर पुलिस ने पति, ससुर एवं सास के खिलाफ दहेज उत्पीड़न का केस दर्ज कर ससुर को गिरफ्तार कर लिया है।
मछलीशहर क्षेत्र के कठहित खास निवासी संगीता यादव अखिलेश यादव की सरकार के दौरान ललित कला अकादमी की उपाध्यक्ष थीं और उन्हें राज्यमंत्री का दर्जा प्राप्त था। 24 नवंबर वर्ष 2016 को उनकी शादी बदलापुर थाना क्षेत्र के बिठुवा कला निवासी जयनाथ यादव के पुत्र इंजीनियर दुर्गेश यादव के साथ हुई। दुर्गेश यादव दक्षिण भारत में कार्यरत हैं। संगीता लखनऊ के गोमतीनगर स्थित मकान में रहती हैं। दो दिन पूर्व वह ससुराल में आई थीं। संगीता का आरोप है कि रविवार की रात वह अपने कमरे में सो रही थीं। इसी बीच ससुर एवं सास ने बिस्तर पर पेट्रोल डालकर चुपके से आग लगा लगा दी। वह गंभीर रूप से झुलस गई। उनके पति दुर्गेश यादव पांच भाई हैं। उनका एक भाई अवधेश ट्रक चालक है और उसका परिवार मकान के निचले हिस्से में रहता है। आग लगने पर जब वह शोर मचाने लगीं तो जेठानी एवं उनके बच्चों ने आकर आग बुझाई।
संगीता यादव का कहना है कि पति, सास और ससुर जमीन खरीदने और कारोबार करने के लिए उनसे एक करोड़ रुपये की मांग कर रहे थे। उनको शादी के चौथे दिन से ही प्रताड़ित किया जाने लगा था जबकि उनके परिवार वालों ने शादी में एक टाटा सफारी एवं अन्य सामान दिया था। सास प्रभावती यादव का कहना है कि संगीता मनमानी करती थीं। कोई टोकता था तो वह मुकदमे में फंसाने की धमकी देती थीं। रविवार को अपने 25 समर्थकों के साथ आई और रुपयों की मांग करने लगी। इनकार करने पर जलाने का ड्रामा रच डाला। एसपी दिनेश पाल सिंह का कहना है कि संगीता यादव के भाई धर्मेन्द्र यादव की तहरीर पर संगीता के पति दुर्गेश यादव, ससुर जयनाथ यादव, सास प्रभावती यादव के खिलाफ केस दर्ज कर जयनाथ को गिरफ्तार कर लिया गया है।
रविवार को होनी थी पंचायत
जौनपुर। संगीता बिठुआ कला में दो दिन पूर्व ही आ गई थीं। रविवार को ससुराल वालों से विवाद के मामले में पंचायत बुलाई गई थी। उसमें दुर्गेश यादव को भी मौजूद रहना था लेकिन वह नहीं आया। बताते हैं कि तीन माह पहले दुर्गेश और संगीता में फोन कहासुनी हुई थी। उसके बाद बातचीत बंद हो गई थी। रविवार की पंचायत में मामला तलाक तक पहुंच गया था लेकिन दुर्गेश के नहीं होने से बात स्थगित कर दी गई। दुर्गेश से अनबन शुरू होते ही संगीता यादव ने अपनी ताकत का उसे अहसास कराया। चार माह पहले पूजा-पाठ के बहाने सैकड़ों लोगों की बिठुआ कला में जुटान हुई थीं, जिसमें सपा के कई बड़े नेता भी शामिल थे। तब परिवार के लोगों का समर्थन संगीता को था। संगीता के करीबियों का कहना है कि दुुर्गेश की नजर संगीता यादव के दिल्ली, लखनऊ एवं जौनपुर के नईगंज स्थित मकानों पर थी। वह उनको बेचकर फैक्ट्री डालने के लिए रुपये मांग रहा था। इसी बात से विवाद शुरू हुआ और संगीता लखनऊ में अपने मकान में रहने लगंीं।