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ग्रामीणों ने किया थाने का घेराव

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मुंगराबादशाहपुर । लापता युवक के घर नहीं पहुंचने एवं पुलिस द्वारा मामले में लापरवाही बरते जाने के विरोध में ग्रामीणों ने मंगलवार को थाने का घेराव किया। उनका आरोप है कि पुलिस ने मानवता को ताक पर रखकर इस मामले में कार्रवाई किया है। मोबाइल, बाइक का कागजात मिलने के बावजूद परिवार वालों को युवक के घायल होने की सूचना नहीं दी गई। परिवार वाले राकेश की तलाश में दर-दर भटक रहे हैं।
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अचनका (लौह) निवासी राकेश पटेल (35) पुत्र लालजी पटेल सतहरिया स्थित एक कंपनी में दैनिक वेतन पर कार्य करता था। वह प्रतिदिन की तरह कार्य करने बाइक से 5 मई को गया था। कंपनी से कार्य कर वापस देर रात्रि घर आ रहा था, रास्ते में मुगरडीह गांव के पास अज्ञात वाहन ने टक्कर मार दी। जिससे बाइक छतिग्रस्त हो गई। राकेश को गंभीर चोटें आई। आस पास के लोगों ने 100 नबंर पर सूचना दी तो पुलिस मौके पर पहुंचकर प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में इलाज के लिए भर्ती कराया। हालत खराब होने के बाद जौनपुर जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया। उधर देर रात तक जब राकेश घर नहीं आया तो परिजन सुबह होते ही स्टील कंपनी से लेकर सभी रिश्तेदारी तक खोजबीन किये। लेकिन पता नहीं चल सका। पुलिस को सूचना देने गए तब परिजनों को घटना की जानकारी हुई। परिजन सदर अस्पताल जौनपुर गए तो बताया गया कि राकेश यहां से जा चुका है। लेकिन अभी तक राकेश पटेल का कहीं पता नहीं लग सका है। इसके विरोध में मंगलवार को ग्रामीणों ने थाने का घेराव किया, जो तकरीबन एक घंटे तक चलता रहा। ग्रामीणों का आरोप है कि पुलिस को जब राकेश का मोबाइल, बाइक का रजिस्ट्रेशन पेपर मिल गया था तो कैसे राकेश को लावारिस प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में दाखिल कराया गया। राकेश को जिला अस्पताल भेजा गया तो वह आखिर कहां चला गया। पुलिस ने उसे लावारिस क्यों छोड़ दिया। इसी बात को लेकर पुलिस एवं ग्रामीणों में नोक-झोंक भी हुई। काफी देर बाद लापता युवक के पिता लालजी पटेल ने प्रार्थना पत्र एसओ को दिया, इसके बाद आश्वासन पर घेराव समाप्त हुआ। उधर सीओ मछलीशहर अवधेश शुक्ला का कहना है कि तहरीर मिलने पर मुकदमा लिखकर लापरवाही बरतने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
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