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छेडख़ानी,मारपीट के दो अभियुक्तों को पांच वर्ष की कैद

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मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट अवधेश कुमार सिंह की अदालत ने मंगलवार को मारपीट और छेड़खानी के मामले में दो अभियुक्तों को दोषी पाते हुए पांच वर्ष की कैद की सजा सुनाई। साथ ही दोनों का साढ़े पांच-साढ़े पांच हजार का अर्थदंड भी लगाया। इसी मामले के दो अन्य आरोपियों को मालती और उमेश को बरी कर दिया गया और एक अन्य नाबालिग की पत्रावली अलग कर दी गई।
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फूलपुर थाना क्षेत्र के शनिचर बाजार में 23 मई 2007 को विजय कुमार बरनवाल को लोहे की राड और लाठी से मारकर घायल कर दिया गया था। अदालत के आदेश पर इस मामले में स्थानीय थाने में मुकदमा दर्ज हुआ था। जिसमें पीड़ित ने अदालत में दिए गए प्रार्थना पत्र में कहा था कि गांव बाजार के महेश कुमार, संजय कुमार पुत्रगण उमेश चंद्र बरनवाल, मालती देवी पत्नी उमेश चंद्र, उमेश बरनवाल पुत्र कामता प्रसाद और एक अन्य नाबालिग मनबढ़ हैं। उमेश आदि से जमीन का विवाद न्यायालय में चल रहा है। जिसको को लेकर विपक्षीगण प्राय: जान मारने की प्राय: धमकियां देते रहते है। घटना के दिन पीड़ित अपनी दुकान बंद कर घर वापस लौटा तो विपक्षी घातक हथियार लिए उसके दरवाजे पर पहुंचे। मना करने पर आरोपियों ने उसकी पत्नी नीता देवी को धक्का देकर गिरा दिए और साड़ी खींचने लगे। शोर पर उसका पति जब बाहर निकला उन लोगों ने उसे भी लोहे की राड से मारा। साथ ही फायर किए और धमकी देते भाग गए। पुलिस ने मुकदमा दर्ज नहीं किया तो पीड़ित न्यायालय की शरण में पहुंचा। न्यायालय के आदेश पर 13 नवंबर 2007 को मुकदमा पंजीकृत हुआ। फूलपुर थाना पुलिस ने महेश कुमार, मालती देवी, संजय कुमार, उमेश बरनवाल और कन्हैया के विरुद्ध अरोप पत्र न्यायालय में प्रस्तुत किया। मुकदमे के परीक्षण के दौरान अभियोजन पक्ष की तरफ से पैरवी कर रहे अभियोजन अधिकारी मानिक चंद्र यादव और सुनील कुमार गुप्ता ने कुल छह गवाहों को अदालत में पेश किया और तर्को को रखा। अदालत ने उभय पक्षों के तर्को को सुनने के बाद महेश और संजय को दोषी पाते हुए उक्त सजा का निर्धारण किया। ब्यूरो
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