खुटहन (जौनपुर)। पुलिस थानों में मनमानी का आलम यह है कि दुष्कर्म जैसे मामलों में भी प्राथमिकी नहीं दर्ज कर रही है। क्षेत्र के एक गांव में 28 फरवरी को दोपहर किशोरी के साथ हुए दुष्कर्म की तहरीर को बदलवाकर पुलिस ने मारपीट की एनसाईआर दर्ज किया। इससे नाराज महिलाओं ने सोमवार को थाने के सामने विरोध प्रदर्शन किया। जिद पर अड़ी रहीं कि जब तक न्याय नहीं मिलता तब तक वे वहां नहीं हटेंगी तब पुलिस ने दुष्कर्म का मुकदमा दर्ज किया गया। अब तक किसी को गिरफ्तार नहीं किया जा सका है।
खुटहन थाना क्षेत्र के एक गांव की 15 साल की एक किशोरी को 28 फरवरी को दोपहर पड़ोस की महिला सीवान में लिवाकर गई। घर से करीब छह सौ मीटर दूर अरहर के खेत में पहुंचने पर उसे पहले से घात लगाए बैठे युवक के हवाले करके महिला भाग गई। युवक ने किशोरी का मुंह दबाकर उसके साथ दुष्कर्म किया। किशोरी घर पहुंची और अपनी मां से आपबीती सुनाई। एक मार्च को बेटी को लेकर मां थाने पहुंची। पुलिस ने दुष्कर्म का मामला दर्ज करने से मना कर दिया। उससे तहरीर बदलवाई गई और मारपीट की एनसीआर दर्ज कर ली गई। महिला दो मार्च को बेटी को लेकर एसपी से मिलने उनके कार्यालय पहुंची लेकिन एसपी से मुलाकात नहीं हो सकी। सोमवार को बस्ती की महिलाओं ने थाने के सामने विरोध प्रदर्शन किया। उनका कहना था कि जब तक पीड़ित को न्याय नहीं मिलेगा तब तक वे थाने के सामने से नहीं हटेंगी। आंदोलन की जानकारी होने पर सीओ शाहगंज ने थानेदार को फटकार लगाई। उसके बाद आननफानन में में दुष्कर्म का केस दर्ज किया गया। सीओ शाहगंज अजय कुमार श्रीवास्तव का कहना है दुष्कर्म के मामले में पीड़ित की बात को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। ऐसा सुप्रीम कोर्ट का भी निर्देश है। अगर तहरीर बदलवाकर पुलिस ने एनसीआर दर्ज किया तो यह गलत है। इस मामले में जांच करके कार्रवाई की जाएगी।
लावरवाही की होगी जांच
इस मामले में थाना प्रभारी का कहना है कि पहले लोगों ने मारपीट की शिकायत की थी। उसके आधार पर एनसीआर लिखी गई। मगर तहरीर में बदलाव का मामला गंभीर है। मामले की जांच शाहगंज के क्षेत्राधिकारी को मामले की जांच सौंपी गई है। उनसे तीन दिन में रिपोर्ट मांगा गया है। जांच में दोषी पाए जाने पर थाना प्रभारी के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
-आशीष तिवारी, पुलिस अधीक्षक