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चार दिन परिवार में रहा कोरोना मरीज, गेहूं की कटाई भी की

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22- जलापुर स्थित एक गांव में कोरोना का संक्रमित मिलने के बाद गांव को सैनिटाईज कराने के लिए पंहुची ट? - फोटो : JAUNPUR
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जौनपुर। कोरोना को हराने की राह पर बढ़ रहा जौनपुर अचानक फिर संकट में आ गया है। पांच दिन बाद लोग लॉक डाउन से मुक्ति की आस लगाए बैठे थे, मगर तीन नए मामलों ने साफ कर दिया है कि फिलहाल कोई राहत नहीं मिलने वाली है। नए मरीजों ने कोरोना संक्रमण का खतरा भी बढ़ा दिया है। सबसे ज्यादा खतरा जलालपुर में मिले पॉजीटिव मरीज से है। वाराणसी से आने के बाद वह चार दिन तक घर में रहा। परिवार और गांव के कई लोगों के संपर्क में आया। इस दौरान गेहूं की कटाई भी कराई। उसकी ट्रैवल हिस्ट्री खंगालने में अफसरों को मशक्कत करनी पड़ रही है।
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कोरोना संक्रमण के लिहाज से वाराणसी पहले ही रेड जोन में जा चुका है। वहां के कई इलाके हॉट स्पॉट घोषित हैं। जलालपुर में वाराणसी से आया शख्स हबीबपुरा में रहता था। वह चेतगंज में सिलाई का काम करता है। लॉक डाउन के बाद दुकान बंद होने के बाद से वह घर आने की कोशिश में जुटा था। 18 अप्रैल की भोर में वह साइकिल से चलकर गांव आ गया। यहां पहुंचकर क्वारंटीन में रहने की बजाए वह परिवार व आसपास के लोगों के संपर्क में आया। इस दौरान उसने गेहूं की कटाई भी कराई और जरुरी सामान की खरीदारी के लिए दुकानों पर भी गया। चार दिन बाद इसकी जानकारी हुई प्रधान व आशा ने कंट्रोल रूम को सूचना दी। गांव में दो अन्य लोग भी वाराणसी के जंगमबाड़ी क्षेत्र से आए थे, जबकि एक व्यक्ति आजमगढ़ से आया था। चारों को स्वास्थ्य टीम नेहरुनगर सीएचसी ले गई। वहां जांच के बाद सैंपल लेकर उन्हें क्वारंटीन कर दिया गया। एक कोरोना संक्रमित मिलने के बाद अब ग्रामीणों में भय है। स्वास्थ्य विभाग उसके संपर्क में आए सभी लोगों की तलाश में जुटा है। गांव पहुंचे सीडीओ अनुपम शुक्ल और सीआरओ डॉ. सुनील वर्मा ने बताया कि कोरोना संक्रमित व्यक्ति के संपर्क में आए हर व्यक्ति की तलाश कर सैंपल लिया जाएगा। पूरे गांव को सील कर सैनिटाइजेशन कराया जा रहा है। किसी को घबराने की जरुरत नहीं है। बस ऐहतियात बरतें और घरों में रहें।
प्रधान की सतर्कता से गांव में नहीं घुस सके थे मुंबई से आए लोग
बदलापुर। करनपुर गांव के प्रधान की सतर्कता ने गांव को कोरोना के संकट से काफी हद सुरक्षित कर लिया है। मुंबई के कांदीवली में रहकर टेंपो चलाने वाले नौ लोग 23 अप्रैल की देर रात ही गांव तक पहुंच गए थे, लेकिन प्रधान व ग्रामीणों ने उन्हें अंदर जाने नहीं दिया। उन्हें सीधे बदलापुर सीएचसी भेज दिया गया, जहां जांच के बाद सभी को सल्तनत बहादुर इंटर कॉलेज में क्वारंटीन कर दिया गया। 24 को लिए गए नौ सैंपल में से दो की रिपोर्ट पॉजीटिव आई है। प्रधान की सतर्कता से गांव तक वायरस पहुंचने से बच तो गया, लेकिन लोगों में अभी भी भय बना हुआ है। ग्रामीणों के मुताबिक पॉजीटिव आए मरीज के परिवार के कुछ सदस्यों ने क्वारंटीन सेंटर पहुंचकर उनसे मुलाकात की थी। ऐसे में आशंका है कि कहीं उनके जरिए संक्रमण गांव में न पहुंच जाए। सीएचसी के अधीक्षक डॉ. संजय दुबे ने बताया कि संक्रमित मरीजों के घरवालों के सैंपल भी जांच के लिए भेजे जाएंगे। इसके अलावा उनकी जांच करने वाले तीन स्वास्थ्य कर्मी का भी सैंपल लिया जाएगा। गांव के तीन किमी की परिधि में करीब 3000 परिवारों की जांच के लिए 12 टीमें गठित कर दी गई हैं, जो बुधवार से जांच शुरू करेंगी।
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