हैदराबाद से दस दिन पहले गोरखपुर के लिए निकले युवक ने पैदल ही जौनपुर जिले की सीमा में प्रवेश किया तो थककर चूर हो चुका था। गोधना तिराहे के पास वह लोगों से घर पहुंचाने की मिन्नते करता रहा। लेकिन लॉकडाउन के चलते कोई चाहकर भी उसकी मदद के लिए आगे नहीं आ सका। वह कुछ देर के लिए रुका लेकिन फिर लड़खड़ाते कदमों से मंजिल की ओर बढ़ गया।
गोरखपुर जिले के कैम्पियरगंज थाना के अलीगंज निवासी अनिल साहनी हैदराबाद बाद में कारपेंटर का काम करता है। लॉकडाउन होने के कारण काम धंधा बंद होने पर बची कमाई खर्च होने लगी तो कुछ साथियों के साथ वह भी घर जाने के लिए दस दिन पहले पैदल निकल पड़ा। रास्ते में एक ट्रक मिली तो 35 लोगों के साथ उसे मध्यप्रदेश के जंगल में उतारकर 3000 भाड़ा ले लिया।
साथ में कुछ कुछ रिश्तेदार भी थे वह मध्यप्रदेश से पैदल गोरखपुर के लिए निकल पड़ा। सोमवार की शाम छह बजे गोधना तिराहा पर पहुंचा तो कुछ लोग बैठे मिल गए। उनसे घर पहुचाने की मिन्नते करने लगा। उसकी परेशानी देख लोगों ने उसे नाश्ता कराया।
उसने अमर उजाला प्रतिनिधि को रोते हुए बताया कि किसी तरह घर पहुंच जाऊं तो कभी परदेस नही जाऊंगा। गांव में ही मजदूरी कर लूंगा। पैदल चलने के चक्कर में कई साथी रास्ते में कहां छूट गये पता नही चल पाया। उसने कहा कि जब थक जाता हूं तो रुक जाता हूं पानी पीता हूं फिर आगे बढ़ता हूं।